पंचायत चुनाव से पहले अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्वाट टीम की बड़ी कार्रवाई
मेरठ पुलिस ने पंचायत चुनाव से पहले एक अवैध हथियार कारखाने का भंडाफोड़ किया, पिस्तौल, मैगज़ीन और हथियार बनाने के औजारों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार।
ग्राम पंचायत चुनाव से पहले अवैध हथियारों की सप्लाई की साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। एसपी सिटी की स्वाट टीम और लोहिया नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ताज गार्डन इलाके में किराए के एक गोदाम में चल रही अवैध पिस्टल फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में तैयार व अधबने हथियार बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई न होती तो पंचायत चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
मुखबिर की सूचना पर हुई संयुक्त छापेमारी
एसएसपी व डीआईजी डॉ. विपिन ताडा ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्वाट टीम को मुखबिर खास के जरिए सूचना मिली थी कि लोहिया नगर क्षेत्र में अवैध रूप से हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए इसकी पुष्टि की गई और इसके बाद स्वाट टीम व लोहिया नगर थाना पुलिस ने मिलकर ताज गार्डन इलाके में एक गोदाम पर छापेमारी की।
गोदाम के अंदर चल रही थी पिस्टल फैक्ट्री
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आमिर पुत्र नूर इलाही, निवासी नूर वाली गली, थाना लिसाड़ी गेट को हथियार बनाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से पुलिस ने 32 बोर की 5 पिस्टल, 2 तैयार मैगजीन, 99 अधबनी मैगजीन, हथियार बनाने के उपकरण और 6500 रुपये नकद बरामद किए। वहीं दूसरे आरोपी रिहान पुत्र सागर, निवासी डी-ब्लॉक समर कॉलोनी, थाना लिसाड़ी गेट को खरखौदा पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके पास से 2 अवैध पिस्टल, 3500 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
25 से 30 हजार रुपये में होती थी पिस्टल की बिक्री
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ताज गार्डन इलाके में एक गोदाम किराए पर लेकर अवैध शस्त्र फैक्ट्री चला रखी थी। कच्चा माल अलग-अलग जगहों से मंगाया जाता था। एक पिस्टल बनाने में करीब 5 दिन लगते थे और लागत लगभग 5 हजार रुपये आती थी। तैयार पिस्टल 25 से 30 हजार रुपये में बेची जाती थी। हथियार आमिर पुत्र रहीमुद्दीन, अमजद उर्फ बॉबी और साजिद अंसारी को सप्लाई किए जाते थे।
आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
मुख्य आरोपी आमिर के खिलाफ आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं रिहान 2022 में भी अवैध शस्त्र फैक्ट्री के मामले में जेल जा चुका है। एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि गोदाम मालिक इरफान सहित कई अन्य लोगों को चिन्हित किया गया है और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0