क्या अपराधी के घर पर बुलडोजर चलाना कानूनन सही है… इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य से पूछ लिया बड़ा सवाल

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में अपराधों के बाद बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला दिया है और अंतरिम राहत प्रदान की है।

Feb 4, 2026 - 10:01
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क्या अपराधी के घर पर बुलडोजर चलाना कानूनन सही है… इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य से पूछ लिया बड़ा सवाल

Uttar Pradesh News: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में अपराध के बाद की जा रही बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से अहम सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने कहा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2024 के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। हमीरपुर के एक मामले में अंतरिम राहत देते हुए कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध के बाद किसी के आवास को तोड़ना सजा के रूप में नहीं हो सकता। अदालत ने इस पूरे मुद्दे को नागरिक अधिकारों से जोड़ते हुए गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़े किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।

हाई कोर्ट की टिप्पणी और उठाए गए सवाल
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थनंदन की खंडपीठ ने सवाल किया कि क्या राज्य को अपराधी के आवास को विध्वंस करने का अधिकार है या फिर उसे नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि अपराध के तुरंत बाद विध्वंस करना क्या कार्यपालिका के विवेक का गलत और विकृत प्रयोग नहीं है। अदालत ने कहा कि केवल विध्वंस की “उचित आशंका” भी किसी नागरिक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का पर्याप्त आधार हो सकती है।

मामला क्या है
यह मामला हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र से जुड़ा है। वार्ड 11 थोकचंद निवासी याचीगण के रिश्तेदार अफान के खिलाफ सुमेरपुर थाने में पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 और उत्तर प्रदेश अवैध धार्मिक रूपांतरण निषेध अधिनियम की धारा 3/5(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोप लगने के बाद भीड़ ने उनके मकान को घेर लिया। याचीगण आपस में पिता, माता और पुत्र हैं। अभियुक्त अफान, फहीमुद्दीन का चचेरा भाई और अन्य दोनों का भतीजा है।

संपत्तियों को लेकर विवाद
तीसरी याची जैबुन निशा के नाम पंजीकृत इंडियन लॉज को सील कर दिया गया है। वहीं याची क्रमांक दो मोइनुद्दीन के नाम आरा मिल को जिलाधिकारी के आदेश से 11 फरवरी 2025 को सील किया गया। याचीगण ने आशंका जताई है कि उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जा सकता है।

राज्य सरकार का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने याचिका को प्री-मेच्योर बताया। उनका कहना है कि याचीगण को केवल नोटिस दिया गया है और उन्हें जवाब देने का अवसर मिलेगा। सरकार ने यह भी कहा कि बिना कानूनी प्रक्रिया और उचित सुनवाई के कोई विध्वंस नहीं किया जाएगा। हालांकि कोर्ट ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां अपराध के बाद तुरंत विध्वंस की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख और अंतरिम आदेश
हाई कोर्ट ने दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि विध्वंस कार्रवाई सजा के रूप में नहीं हो सकती। सजा देना न्यायपालिका का अधिकार है, सरकार का नहीं। अदालत ने याचीगण की सुरक्षा के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं और कहा है कि उन्हें अपनी संपत्तियों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। इस मामले में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन को प्रतिवादी बनाया गया है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।