कड़ी सुरक्षा में जेल से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, ली विधायक पद की शपथ
मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अदालत की अनुमति के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच बिहार विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। वह वर्तमान में दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में जेल में हैं।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बाहुबली नेता और मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में आ गए हैं। मंगलवार को उन्होंने विधायक पद की शपथ ली। खास बात यह रही कि वे सीधे बेऊर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बिहार विधानसभा पहुंचे। पटना सिविल कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया था। शपथ ग्रहण के बाद अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। अनंत सिंह फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
पुराने अंदाज में ली शपथ, सदन के अंतिम सदस्य बने
अनंत सिंह को कोर्ट के निर्देश पर केवल शपथ लेने के लिए विधानसभा आने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने अपने पुराने अंदाज में ही विधायक पद की शपथ ली। बिहार विधानसभा के कुल 243 सदस्यों में से अब तक 242 विधायक पहले ही शपथ ले चुके थे। अनंत सिंह सदन के अंतिम सदस्य बने, जिन्होंने विधायक पद की शपथ ली। विधानसभा चुनाव के दौरान ही दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने अनंत सिंह को हिरासत में लिया था। तब से वे लगातार न्यायिक हिरासत में हैं।
शपथ के बाद बोले अनंत सिंह, विपक्ष पर लगाए आरोप
विधानसभा में शपथ लेने के बाद जब उनसे दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि विपक्षी लोग उन्हें बेवजह इस मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच चल रही है और उन्हें कोर्ट से पूरा न्याय मिलने की उम्मीद है। अनंत सिंह की ओर से जमानत के लिए पटना सिविल कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, लेकिन सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड का पूरा मामला
दुलारचंद यादव मोकामा क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता थे। उनका राजनीतिक संबंध लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं से भी रहा था। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान वे प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उनका सामना अनंत सिंह से हुआ। पहले दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसा में बदल गई। हालात बिगड़ने पर फायरिंग हुई, जिसमें दुलारचंद यादव घायल हो गए।
वाहन से कुचलकर हत्या का आरोप, 80 से ज्यादा गिरफ्तार
दुलारचंद यादव के परिजनों का आरोप है कि गोली लगने के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने उन्हें वाहन से कुचलकर मार डाला। पुलिस ने अपनी जांच में बताया कि दुलारचंद यादव की मौत भारी वस्तु से दबने के कारण हुई, हालांकि गोली लगने की भी पुष्टि की गई है। परिजनों के आवेदन पर पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाते हुए 2 नवंबर को उनके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक 80 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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