अडानी ग्रुप का बड़ा कदम: इटली की लियोनार्डो के साथ मिलकर भारत में बनेंगे आधुनिक हेलीकॉप्टर
अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत में उन्नत सैन्य हेलीकॉप्टर बनाने के लिए इटली की लियोनार्डो के साथ हाथ मिलाया है, जिससे मेक इन इंडिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। ग्रुप की कंपनी अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने इटली की मशहूर एयरोस्पेस कंपनी लियोनार्डो के साथ भारत में हेलीकॉप्टर बनाने की दिशा में बड़ा प्लान पेश किया है। इससे पहले अडानी ग्रुप भारत में हवाई जहाज बनाने की योजना का भी खुलासा कर चुका है। इस नई साझेदारी को भारत के रक्षा और एविएशन सेक्टर के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे देश को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
मेक इन इंडिया को मिलेगा नया बल
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और लियोनार्डो की यह साझेदारी केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। इस पार्टनरशिप के तहत भारत में आधुनिक हेलीकॉप्टरों का पूरा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे भारत हेलीकॉप्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा। इस पहल से भारतीय सेना की जरूरतों को देश में ही पूरा किया जा सकेगा और विदेशी निर्भरता कम होगी। इस समझौते को लेकर दिल्ली में एक अहम बैठक के दौरान दोनों कंपनियों ने करार पर हस्ताक्षर किए।
इन हेलीकॉप्टरों पर होगा फोकस
इस समझौते के तहत भारत में लियोनार्डो के एडवांस्ड AW169M और AW109 TrekkerM हेलीकॉप्टरों के निर्माण की दिशा में काम होगा। शुरुआत में हेलीकॉप्टरों के जरूरी पुर्जे भारत में बनाए जाएंगे। इसके साथ ही हेलीकॉप्टरों की मरम्मत और रखरखाव यानी MRO की सुविधा भी देश में ही उपलब्ध कराई जाएगी। पायलटों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था भी भारत में ही होगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
भारत में हेलीकॉप्टरों की बढ़ती जरूरत
फिलहाल भारत में हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल काफी सीमित है। आंकड़ों के अनुसार, देश में हर 250 लोगों पर एक से भी कम हेलीकॉप्टर उपलब्ध है। अनुमान है कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को हर साल करीब 100 नए हेलीकॉप्टरों की जरूरत पड़ेगी। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के डायरेक्टर जीत अडानी ने कहा कि यह साझेदारी सिर्फ तकनीक साझा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में एक मजबूत एविएशन इकोसिस्टम खड़ा करने की दिशा में कदम है।
सेना की मांग और भविष्य की योजना
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी के अनुसार, भारतीय सेना अकेले अगले 10 सालों में 1,000 से ज्यादा हेलीकॉप्टरों की मांग कर सकती है। वहीं लियोनार्डो हेलीकॉप्टर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर जियान पिएरो कुटिलो ने कहा कि भारत एक बड़ा बाजार है और यहां रक्षा क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। यह साझेदारी भारत को वैश्विक हेलीकॉप्टर निर्माण हब बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।
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