सरकार को “वे” कहना पड़ेगा महंगा… सोनम वांगचुक केस से खुल गया बड़ा नियम

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एनएसए हिरासत का बचाव करते हुए विभाजनकारी भाषा, युवाओं को कथित रूप से उकसाने और लद्दाख विरोध प्रदर्शनों में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे का हवाला दिया।

Feb 3, 2026 - 09:40
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सरकार को “वे” कहना पड़ेगा महंगा… सोनम वांगचुक केस से खुल गया बड़ा नियम

सरकार के खिलाफ प्रदर्शन या आंदोलन करने वालों को अब अपने शब्दों के चयन में बेहद सावधानी बरतनी होगी। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की दलीलों ने इसी ओर इशारा किया है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि वांगचुक के शब्द और बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। सरकार का कहना है कि आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा, युवाओं को भड़काने वाली थी। इसी आधार पर उनके खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट यानी NSA लगाया गया। फिलहाल सोनम वांगचुक जोधपुर जेल में बंद हैं और उनकी हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दलील
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने केंद्र सरकार को वे कहकर संबोधित किया, जिससे अलगाववादी सोच झलकती है। मेहता ने कहा कि जब कोई हम और वे की भाषा इस्तेमाल करता है, तो वह देश को बांटने की मानसिकता दिखाता है। सरकार के अनुसार, यही शब्द NSA के तहत हिरासत के लिए पर्याप्त आधार बने।

युवाओं को भड़काने के आरोप
केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन ने आरोप लगाया कि वांगचुक चाहते थे कि लद्दाख में नेपाल और बांग्लादेश जैसी हिंसक परिस्थितियां बनें। मेहता ने कहा कि वांगचुक ने Gen Z यानी युवा पीढ़ी को खून-खराबा और गृह युद्ध के लिए उकसाया। सरकार का दावा है कि उनके भाषणों का निशाना आसानी से प्रभावित होने वाले युवा थे।

विरोध, गांधी का नाम और सरकार का जवाब
पिछली सुनवाई में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो की ओर से दलील दी गई थी कि सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा नहीं होता। इस पर तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक ने महात्मा गांधी का नाम केवल दिखावे के लिए लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई भड़काऊ भाषणों में गांधीजी का नाम कवर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जबकि असली संदेश हिंसा भड़काने वाला होता है।

अरब स्प्रिंग और आत्मदाह का जिक्र
सरकार ने यह भी कहा कि वांगचुक ने अपने भाषणों में अरब स्प्रिंग का जिक्र किया, जिसमें भारी हिंसा और आत्मदाह की घटनाएं हुई थीं। मेहता के अनुसार, वांगचुक इसी तरह की स्थिति की उम्मीद कर रहे थे और आत्मदाह की बात कहकर अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचना चाहते थे। सरकार ने इसे अलगाववादी गतिविधि बताया।

हिरासत का कारण और मामला
सरकार ने बताया कि सितंबर 2025 में लेह में लद्दाख को राज्य और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने उनके भाषणों को पूरे संदर्भ में देखकर हिरासत का आदेश दिया। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर रहा है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।