चांदी 4 लाख के पार, सोना भी आउट ऑफ कंट्रोल, जानिए इस उछाल की 3 बड़ी वजहें
सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। कमजोर डॉलर और वैश्विक अनिश्चितता के कारण चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई और सोने की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बनाए।
Silver Price: सोना और चांदी, दोनों ही कीमती धातुओं ने महंगाई के नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। बाजार में ऐसी तेजी देखने को मिल रही है कि पुराने सभी आंकड़े एक झटके में टूट गए हैं। चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि सोना भी अब आम खरीदार की पहुंच से तेजी से बाहर होता जा रहा है। इस ऐतिहासिक उछाल ने निवेशकों से लेकर आम लोगों तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर यह तेजी कहां जाकर थमेगी और आगे कीमतों का रुख क्या रहेगा।
24 घंटे में बदल गया पूरा बाजार का माहौल
चांदी की कीमतों में आई तेजी ने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है। एमसीएक्स पर चांदी का भाव बढ़कर 4,07,456 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी चांदी ने अपनी अब तक की सबसे ऊंची कीमत दर्ज कराई है। खास बात यह है कि 4 लाख रुपये के स्तर तक पहुंचने के लिए चांदी को सिर्फ 15 हजार रुपये की बढ़त चाहिए थी, जिसे उसने महज 24 घंटे में हासिल कर लिया। इससे एक दिन पहले मंगलवार को चांदी की कीमत में करीब 40,500 रुपये की जोरदार तेजी आई थी। इसके अगले ही दिन बुधवार को भाव में 15,000 रुपये की और बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सोने की चमक भी बढ़ा रही है मुश्किलें
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना करीब 5,000 रुपये की बढ़त के साथ 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण शादी-विवाह और त्योहारों के लिए सोना खरीदना आम लोगों के लिए और मुश्किल होता जा रहा है।
आखिर क्यों बेकाबू हो रही हैं कीमतें
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोने और चांदी की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से निवेशकों का रुझान करेंसी से हटकर सोने-चांदी की ओर बढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमजोर डॉलर के पक्ष में दिए गए संकेतों का भी असर बाजार पर पड़ा है। इसके अलावा दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश की तलाश में कीमती धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में दरों में कटौती की संभावना ने सोने और चांदी की मांग को और मजबूत कर दिया है।
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