बजट 2026 से पहले क्रिप्टो निवेशकों की उम्मीदें, क्या बदलेगा भारत का सख्त टैक्स सिस्टम?

बजट 2026 से पहले, भारत में क्रिप्टो निवेशक उच्च करों, 1% टीडीएस और सख्त नियमों से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। विशेषज्ञ वर्तमान कर प्रणाली और वैश्विक तुलना की व्याख्या करते हैं।

Jan 31, 2026 - 10:16
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बजट 2026 से पहले क्रिप्टो निवेशकों की उम्मीदें, क्या बदलेगा भारत का सख्त टैक्स सिस्टम?

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद बड़ी संख्या में निवेशक वर्चुअल डिजिटल एसेट्स यानी VDA में पैसा लगा रहे हैं। हालांकि, साफ नियमों की कमी और भारी टैक्स के चलते भारत में क्रिप्टो में निवेश करना न सिर्फ मुश्किल बल्कि महंगा भी साबित हो रहा है। ऐसे में अब सबकी नजरें आने वाले बजट 2026 पर टिकी हैं। क्रिप्टो सेक्टर से जुड़े लोग, टैक्स एक्सपर्ट और निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस बार कुछ राहत दे सकती है और नियमों को ज्यादा व्यावहारिक बना सकती है।

बजट 2026 से क्रिप्टो सेक्टर को क्या उम्मीद
सरकार की ओर से अभी तक क्रिप्टो टैक्स को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बजट 2026 में टैक्स को और सख्त करने की बजाय उसे आसान और स्पष्ट करने पर ध्यान दिया जा सकता है। जैसे-जैसे डिजिटल एसेट्स का इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है, वैसे-वैसे इंडस्ट्री चाहती है कि नीति भी समय के साथ बदले और निवेश को हतोत्साहित करने के बजाय संतुलन बनाए।

1% TDS को लेकर सबसे बड़ी मांग
PNAM & Co LLP के पार्टनर सीए मोहित गुप्ता का कहना है कि सेक्शन 194S के तहत लगने वाला 1% टीडीएस बाजार के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। इसकी वजह से लिक्विडिटी पर असर पड़ा है, खरीद और बिक्री के दामों में अंतर बढ़ा है और कई निवेशक विदेशी प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहे हैं। इसलिए उम्मीद है कि सरकार टीडीएस की दर घटाए या उसकी सीमा बढ़ाए।

नुकसान को एडजस्ट न कर पाने से निवेशक परेशान
फिलहाल नियम यह है कि VDA से हुए नुकसान को न तो दूसरे VDA के मुनाफे से सेट ऑफ किया जा सकता है और न ही अगले सालों में आगे ले जाया जा सकता है। सीए (डॉ.) सुरेश सुरना बताते हैं कि इससे असली आर्थिक नुकसान को नजरअंदाज कर पूरे मुनाफे पर टैक्स लग जाता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर VDA कैटेगरी के अंदर ही नुकसान को एडजस्ट करने और उसे 4 या 8 साल तक आगे ले जाने की अनुमति मिले, तो सिस्टम ज्यादा न्यायपूर्ण होगा।

भारत में कितना टैक्स लगता है क्रिप्टो पर
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 115BBH के तहत क्रिप्टो ट्रांसफर से होने वाले मुनाफे पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है, जिस पर सरचार्ज और सेस अलग से जुड़ता है। इसके अलावा सेक्शन 194S के तहत साल में 10,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर 1% टीडीएस भी काटा जाता है।

दुनिया के मुकाबले भारत के नियम ज्यादा सख्त
पॉलीगॉन लैब के ऐश्वर्य गुप्ता के मुताबिक, भारत का क्रिप्टो टैक्स सिस्टम दुनिया के सबसे सख्त नियमों में शामिल है। जहां भारत में 30% टैक्स लगता है, वहीं यूएई और सिंगापुर जैसे देशों में क्रिप्टो मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं है। ऐसे में इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बजट 2026 में सरकार कुछ राहत देकर भारत को ग्लोबल क्रिप्टो मैप पर ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।