सोना खरीदने वालों की मौज, बजट वाले दिन कीमतों में भारी गिरावट, देखें लेटेस्ट रेट
बजट दिवस 2026 के दिन सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। एमसीएक्स गोल्ड में 9% तक की गिरावट दर्ज की गई, चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई। जानिए इसके कारण और बजट से जुड़ी अपेक्षाएं।
Gold Price: आम बजट 2026 के दिन सोना खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ती कीमतों ने सोने को आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया था, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। 1 फरवरी 2026 को बजट से पहले ही सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ आम ग्राहकों का भी ध्यान खींचा है।
MCX पर सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
MCX पर अप्रैल वायदा के लिए सोने की कीमत 0.48 प्रतिशत गिरकर 1,51,610 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुली। इसका पिछला बंद भाव 1,52,345 रुपये था। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सोने के दाम करीब 9 प्रतिशत तक और नीचे चले गए। वहीं, मार्च वायदा के लिए चांदी की कीमत 7,099 रुपये यानी 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,84,826 रुपये प्रति किलो पर खुली। चांदी का पिछला बंद भाव 2,91,925 रुपये था और इसमें भी 9 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
दिल्ली सर्राफा बाजार और अंतरराष्ट्रीय असर
गुडरिटर्न्स के मुताबिक, सोने के भाव गिरकर 1,60,730 रुपये तक पहुंच गए हैं। गिरावट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक ही दिन में सोने के दाम 14,000 रुपये तक टूट गए थे। इस गिरावट के पीछे केवल घरेलू कारण नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड करीब 16.34 प्रतिशत तक फिसला है, जिसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा है।
सोना क्यों गिरा, जानकारों की राय
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। जब कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंचीं, तब संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी, जिससे बिकवाली बढ़ी और दाम नीचे आ गए। इसके अलावा अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक हलचल भी एक वजह है। इनक्रेड मनी के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेडरल रिजर्व प्रमुख बनाए जाने की चर्चाओं से अनिश्चितता बढ़ी है। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोने की कीमतों पर दबाव आया।
बजट 2026 से उम्मीदें और आगे की राह
बजट 2026 से सर्राफा और ज्वेलरी उद्योग को काफी उम्मीदें हैं। चर्चा है कि सरकार सोने-चांदी पर लगने वाली 6 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी को घटाकर 3 या 4 प्रतिशत कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो कीमतें और नीचे आ सकती हैं और शादी-ब्याह के सीजन में ग्राहकों को राहत मिलेगी। हालांकि, सोने के खुलासे और टैक्स से जुड़े नियमों को लेकर कुछ सख्ती की भी आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के एलान ही अब बाजार की दिशा तय करेंगे।
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