पाकिस्तान में इंटरनेट स्पीड को लेकर उठे सवाल, सरकार ने दी सफाई
पाकिस्तान सरकार ने इंटरनेट की गति धीमी करने के आरोपों से इनकार किया है, लेकिन X जैसे प्लेटफॉर्म और कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए वेब मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग करने की बात स्वीकार की है।
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में इंटरनेट की धीमी रफ्तार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। आम लोग और सोशल मीडिया यूजर्स यह दावा कर रहे हैं कि सरकार जानबूझकर इंटरनेट की स्पीड कम कर रही है, जिसे इंटरनेट थ्रॉटलिंग कहा जाता है। इंटरनेट थ्रॉटलिंग का मतलब होता है किसी खास वजह से इंटरनेट की रफ्तार को जानबूझकर कम करना। इन आरोपों के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि क्या पाकिस्तान भी ईरान की तरह इंटरनेट पर सख्त नियंत्रण की राह पर चल पड़ा है। अब इस पूरे मामले पर पाकिस्तान सरकार की ओर से लिखित जवाब सामने आया है।
सरकार ने इंटरनेट थ्रॉटलिंग के आरोप किए खारिज
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि इंटरनेट की स्पीड को धीमा करने के लिए किसी भी तरह का सिस्टम इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। सरकार ने संसद में बताया कि पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी यानी PTA ने इंटरनेट स्पीड कम करने के लिए कोई अलग सिस्टम इंस्टॉल नहीं किया है। सरकार का कहना है कि इंटरनेट बैंडविड्थ की निगरानी के लिए समय-समय पर तकनीकी अपडेट किए जाते हैं, लेकिन लोग इन्हें गलत तरीके से इंटरनेट थ्रॉटलिंग समझ रहे हैं।
वेब मॉनिटरिंग सिस्टम की मौजूदगी मानी
हालांकि सरकार ने इंटरनेट स्लो करने के आरोपों को नकार दिया है, लेकिन उसने वेब मॉनिटरिंग सिस्टम यानी WMS की मौजूदगी को स्वीकार किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने लिखित में माना है कि आपत्तिजनक कंटेंट और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के लिए वेब मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह सिस्टम कोई नया नहीं है और 2008 से अलग-अलग रूपों में मौजूद रहा है। इसे टेलीकॉम कंपनियों ने लगाया है और इसके लिए सरकारी बजट का इस्तेमाल नहीं हुआ।
X पर बैन और कंटेंट ब्लॉकिंग की प्रक्रिया
सरकार ने यह भी माना है कि पाकिस्तान में X को ब्लॉक करने के लिए इसी वेब मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। सरकार का तर्क है कि इस सिस्टम का उद्देश्य केवल आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट को रोकना है, न कि इंटरनेट की रफ्तार को प्रभावित करना।
लाखों वेबसाइट्स पर लग चुका है बैन
पाकिस्तान सरकार वेब मॉनिटरिंग सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है। इसके जरिए अब तक करीब 65 लाख अश्लील वेबसाइट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। पाकिस्तान में सरकार को कानून के तहत यह अधिकार प्राप्त है कि वह इंटरनेट से किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने या ब्लॉक करने का आदेश दे सके। सरकार का कहना है कि यह कदम समाज की सुरक्षा और नैतिकता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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