चौखड़ा फार्म में हाथियों का कहर, 10 एकड़ गन्ने की फसल तबाह, किसान दहशत में
लखीमपुर खेरी के चौकड़ा फार्म क्षेत्र में हाथियों के एक झुंड ने 10 एकड़ गन्ने की फसल को नष्ट कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ और वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठने लगे।
जिले के चौखड़ा फार्म क्षेत्र में सोमवार रात हाथियों के झुंड ने भारी तबाही मचाई। मझगईं रेंज के खल्ला गुरुद्वारा के पास हाथियों ने किसानों की खड़ी गन्ने की फसल को रौंद दिया। इस अचानक हुई घटना से पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल है। सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो उनकी मेहनत मिट्टी में मिली नजर आई। जिन खेतों में कुछ ही दिनों में तौल पर्ची आने वाली थी, वहां अब सिर्फ उजड़ा खेत बचा है। किसानों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।
किसानों की मेहनत एक रात में खत्म
हाथियों के झुंड ने किसान गुरनाम सिंह, जगतार सिंह और जगदीप सिंह के खेतों में करीब 10 एकड़ गन्ने की फसल पूरी तरह नष्ट कर दी। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर यह फसल तैयार की थी। बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च हुआ था। अब कटाई से पहले ही फसल नष्ट हो जाने से उनकी आर्थिक हालत बिगड़ गई है। किसानों के अनुसार इस नुकसान की कीमत लाखों रुपये में है, जिसकी भरपाई करना उनके लिए मुश्किल है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी घटना
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पहले भी इसी इलाके में हाथियों ने तार फेंसिंग तोड़ दी थी। उस समय भगवंतनगर निवासी राम बहादुर की हाथियों द्वारा कुचलकर मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी वन विभाग ने स्थायी समाधान नहीं किया। टूटी फेंसिंग को ठीक नहीं कराया गया और न ही हाथियों की निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
किसानों और ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर समय रहते फेंसिंग मजबूत की जाती और निगरानी बढ़ाई जाती, तो फसल का नुकसान रोका जा सकता था। उनका आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण हाथी बार-बार खेतों में घुस रहे हैं और जान-माल का खतरा बना हुआ है।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने, स्थायी घेराबंदी करने और हाथियों की नियमित निगरानी की मांग की है। इस मामले में वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि फसल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में दहशत बनी हुई है और किसान रातों में खेत जाने से डर रहे हैं।
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