बीजेपी करा रही यूपी की सभी विधानसभा सीटों का दूसरी बार सर्वे, टेस्ट में हुए फेल हुए विधायक तो कट जाएगा टिकट
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सिर्फ जिताऊ कैंडीडेट्स पर ही दांव लगाएगी। इसके लिए पार्टी दूसरी बार सर्वे करवाने जा रही है। सर्वे का मकसद इस बात का इत्मीनान करना है कि पार्टी का टिकट पाने वाला कैंडीडेट जिताऊ ही हो। जिस विधायक की रिपोर्ट निगेटिव होगी उसका टिकट कटना तय माना जा रहा है।
लखनऊ: 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सिर्फ जिताऊ कैंडीडेट्स पर ही दांव लगाएगी। इसके लिए पार्टी दूसरी बार सर्वे करवाने जा रही है। फरवरी के पहले हफ्ते से इस सर्वे की शुरुआत हो जाएगी। इसमें सर्वे करने वाली कम्पनी गांव- गांव जाकर लोगों से उनके विधायक के बारे में पूछताछ करेगी। महिलाओं और किसानों की राय सबसे ज्यादा ली जाएगी। ऐसे में पहले सर्वे के बाद दूसरे सर्वे का मकसद इस बात का इत्मीनान करना है कि पार्टी का टिकट पाने वाला कैंडीडेट जिताऊ ही हो। जिस विधायक की रिपोर्ट निगेटिव होगी उसका टिकट कटना तय माना जा रहा है।
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तकरीबन सभी दलों ने शुरू कर दिया है। बीजेपी इसमें सबसे आगे है। पार्टी ने अपने विधायकों की परफॉर्मेंस और संभावित प्रत्याशियों का आंकलन करने के लिए दूसरे चरण का सर्वे करवाने का फैसला किया है। यह सर्वे एक अलग कंपनी द्वारा कराया जाएगा, जबकि पहले चरण की रिपोर्ट पहले से ही उपलब्ध है। दोनों कंपनियों की रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा ताकि फील्ड से सटीक और निष्पक्ष जानकारी मिल सके।
सहयोगी दलों की सीटों पर भी होगा सर्वे
सूत्रों की मानें तो बीजेपी यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कराएगी। इसमें बीजेपी के सभी 258 विधायकों की सीटों के आलावा सहयोगी दलों- राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), सुभासपा, अपना दल (एस) और निषाद पार्टी- के हिस्से वाली सीटें भी शामिल होंगी।
दोनों रिपोर्ट की तुलना से सामने आएगी सच्चाई
दोनों सर्वे रिपोर्टों की तुलना से यह स्पष्ट होगा कि सर्वे कितनी गहराई से किया गया है। सर्वेयर जिले में भाजपा के छोटे पदाधिकारियों, आरएसएस कार्यकर्ताओं से भी संपर्क करेंगे। सर्वेयर ग्राउंड जीरो से जाकर सार्वजनिक स्थानों पर आम जनता से बातचीत शुरू करेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, 2022 और 2024 के विस्तारक कार्यकर्ता, दुकानदार, छोटे सामाजिक संगठनों के लोग, वकील, डॉक्टर, शिक्षक, युवा और महिलाओं से फीडबैक लिया जाएगा।
रिपोर्ट ठीक नहीं तो टिकट कटना तय
भाजपा हर हाल में 2027 चुनाव फतह करना चाहती है, इसके लिए वह सिर्फ जिताऊ कैंडीडेट को ही मैदान में उतारना चाहती है। सर्वे में जहां निगेटिव रिपोर्ट आएगी, वहां टिकट कटना लगभग तय माना जा सकता है। प्रत्याशी चयन में दोनों कंपनियों की रिपोर्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सर्वे रिपोर्ट से ये तय होगा कि किन सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे और कहां मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया जा सकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0