रेल टिकट होगा महंगा… बजट के आंकड़ों ने दिया बड़ा इशारा, यात्रियों की बढ़ी चिंता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। रेलवे के राजस्व में वृद्धि हुई, टिकटों की कीमत बढ़ने की अटकलें तेज हुईं और 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई।
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार देश का यूनियन बजट पेश किया। करीब डेढ़ घंटे के अपने बजट भाषण में उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ाया गया तो कुछ पर राहत भी दी गई। रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार ने बड़े निवेश का ऐलान किया है। हालांकि, बजट के आंकड़ों में एक ऐसा संकेत भी सामने आया है, जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में रेल टिकट के दाम बढ़ सकते हैं।
रेल बजट और आम बजट अब एक साथ
पहले देश में रेल बजट और आम बजट अलग-अलग पेश होते थे। लेकिन अब दोनों को एक ही बजट में शामिल कर दिया गया है। रेलवे को सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा मानती है। इस बार भी रेलवे और इंफ्रा सेक्टर को कुल पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स का करीब 47 फीसदी हिस्सा दिया गया है। इससे साफ है कि सरकार देश की कनेक्टिविटी और विकास पर खास जोर दे रही है।
यात्रियों से बढ़ी कमाई, टिकट महंगे होने की अटकलें
बजट के आंकड़ों के मुताबिक, रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में यात्रियों से मिलने वाली आय से करीब 80 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में यह कमाई बढ़कर 87 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि रेलवे आने वाले दिनों में टिकट के दाम बढ़ा सकता है। हालांकि सरकार ने बजट में टिकट बढ़ाने का कोई सीधा ऐलान नहीं किया है। टिकट के दाम बढ़ेंगे या नहीं, इसका फैसला पूरी तरह रेलवे प्रशासन करेगा। जनरल बोगी, स्लीपर या एसी टिकट, किस श्रेणी में बदलाव होगा, यह भी रेलवे ही तय करेगा।
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
इस बजट में रेलवे परियोजनाओं को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है। देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। वित्त मंत्री के मुताबिक, इन कॉरिडोर का मकसद देश के आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे यात्रियों का समय बचेगा और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन बड़े शहरों को जोड़ेगा नया रेल नेटवर्क
बजट में घोषित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी जैसे बड़े शहरों को जोड़ा जाएगा। इन रूट्स से देश के वित्तीय केंद्र, आईटी हब, औद्योगिक क्षेत्र और धार्मिक शहर आपस में और मजबूत तरीके से जुड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
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