आसमान में ग्रहों की दुर्लभ कतार, बदलते मौसम का असर बढ़ा रहा है मांसपेशियों का दर्द

ग्रहों का दुर्लभ संरेखण 15 दिनों तक दिखाई देगा; विशेषज्ञ बताते हैं कि मौसम में बदलाव से जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द कैसे बढ़ जाता है।

Feb 17, 2026 - 09:36
 0
आसमान में ग्रहों की दुर्लभ कतार, बदलते मौसम का असर बढ़ा रहा है मांसपेशियों का दर्द

आसमान एक बार फिर ऐसा नजारा दिखाने जा रहा है जो हमें याद दिलाता है कि हम सिर्फ धरती पर नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड का हिस्सा हैं। हाल ही में पृथ्वी के पास से गुजरा धूमकेतु अब सूरज का चक्कर लगाकर अंतरिक्ष की गहराइयों में लौट रहा है। इसी बीच आज से अगले 15 दिनों तक आकाश में ग्रहों की दुर्लभ कतार दिखाई देगी।बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि एक सीध में नजर आएंगे। यह नजारा सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि समझने के लिए भी खास माना जा रहा है।

बदलते मौसम का शरीर पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति की हर हलचल एक रिद्म में चलती है और इसका असर मौसम पर भी पड़ता है। मौसम बदलने का असर सबसे पहले हमारे शरीर की नसों और मांसपेशियों पर दिखाई देता है। आंकड़ों के मुताबिक ट्रांजिशनल सीजन में जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द 30 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। तापमान और वायुदाब में बदलाव से नसों में झुनझुनी, खिंचाव और कमजोरी महसूस हो सकती है। कई लोग सुबह उठते ही जकड़न, थकान या शरीर भारी लगने की शिकायत करते हैं।

क्यों बढ़ती है ऐंठन और कमजोरी
ठंड में मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, जबकि गर्मी की शुरुआत में डिहाइड्रेशन नसों के सिग्नल को धीमा कर देता है। इससे दर्द, ऐंठन और कमजोरी बढ़ती है। मसल्स में ऐंठन की वजह पानी की कमी, ब्लड सप्लाई कम होना, पोषण की कमी, सोडियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम की कमी, लो बीपी और नसों की कमजोरी हो सकती है। ब्लड फ्लो रुकने या नसों पर दबाव पड़ने से भी मांसपेशियों में दिक्कत होती है।

इन बीमारियों के मरीज बढ़े
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार इस मौसम में ऑस्टियो-आर्थराइटिस, सायटिका और फाइब्रोमायल्जिया जैसी समस्याएं ज्यादा उभरती हैं। अस्पतालों की ऑर्थो ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

कैसे रखें खुद को मजबूत
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना व्यायाम करें, विटामिन-डी से भरपूर भोजन लें और दिन में 4 से 5 लीटर पानी पिएं। आंवला फायदेमंद माना जाता है। नसों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए गिलोय, अश्वगंधा, गुग्गुल, गोखरू और पुनर्नवा जैसे आयुर्वेदिक उपाय भी लाभकारी बताए गए हैं। बदलते मौसम में शरीर के संकेतों को समझना और खुद को मजबूत रखना जरूरी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।