ड्राइवरों की हड़ताल से लेकर महिलाओं की सुरक्षा तक, रैपिडो के को-फाउंडर पवन गुंटुपल्ली ने बताई नई रणनीति
रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली ने जीरो कमीशन एसएएएस मॉडल, महिला सुरक्षा पहलों, हेलमेट नियमों और नई दिल्ली मेट्रो एकीकरण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
देश में टैक्सी, ऑटो और बाइक की ऐप बेस्ड सर्विस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लेकिन इस सेक्टर में कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। एक तरफ ग्राहक राइड कैंसिलेशन, किराया बढ़ने और सुरक्षा को लेकर शिकायत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ड्राइवर भी अपनी कमाई को लेकर असंतुष्ट हैं। हाल ही में ड्राइवरों की हड़ताल भी देखने को मिली। इन मुद्दों पर Rapido के को-फाउंडर पवन गुंटुपल्ली ने विस्तार से बात की।
‘जीरो कमीशन’ SaaS मॉडल से बदलाव
पवन गुंटुपल्ली ने बताया कि रैपिडो ने दो साल पहले SaaS मॉडल शुरू किया, जिसमें कंपनी ड्राइवर से कोई कमीशन नहीं लेती। पहले 20–25% किराया प्लेटफॉर्म रखता था, जिससे ड्राइवर की कमाई 25–30% तक घट जाती थी। नए मॉडल में पेमेंट सीधे ड्राइवर, जिन्हें कंपनी ‘कैप्टन’ कहती है, को जाता है। कंपनी सिर्फ ग्राहक की लीड देती है। उनका दावा है कि दिल्ली में रोज करीब 8 लाख राइड हो रही हैं, जो शहर की कुल यात्रा का 10% से ज्यादा है।
राइड कैंसिलेशन और किराया विवाद
राइड कैंसिलेशन पर उन्होंने कहा कि कई ड्राइवर अंग्रेजी में पता समझ नहीं पाते, इसलिए वॉइस-आधारित फीचर हिंदी में लाया जा रहा है। टोल रोड चुनने पर किराया बढ़ सकता है। ऑटो ड्राइवरों की डिजिटल समझ कम होने के कारण वे कभी-कभी अलग रास्ता लेते हैं, लेकिन कंपनी उन्हें ऐप रूट फॉलो करने की ट्रेनिंग दे रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और ‘Rapido Pink’
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कंपनी Scooty कैटेगरी और ‘Rapido Pink’ सेवा ला रही है, जिसमें महिला ड्राइवर और महिला यात्री होंगी। यह सेवा कुछ शहरों में शुरू हो चुकी है और दिल्ली में जल्द आएगी। देर रात राइड पर कॉल और नोटिफिकेशन की सुविधा दी जा रही है। 24×7 इमरजेंसी सपोर्ट भी उपलब्ध है।
हेलमेट और सुरक्षा पर सख्ती
हेलमेट की गुणवत्ता पर कंपनी स्कैनिंग और फीडबैक सिस्टम अपना रही है। गलत हेलमेट पर ड्राइवर को दोबारा स्कैन करना होता है। ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर अभियान भी चलाए जा रहे हैं। तेज रफ्तार पर स्पीड अलर्ट और सस्पेंशन की व्यवस्था है।
पारदर्शिता और नई पहलें
कंपनी का कहना है कि वह फोन मॉडल के आधार पर किराया तय नहीं करती। इंश्योरेंस अनिवार्य है। रिफंड वॉलेट में दिया जाता है। दिल्ली में जल्द मेट्रो टिकट सुविधा और इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की योजना है, ताकि घर से मेट्रो और आगे की यात्रा एक ही बुकिंग में हो सके।
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