आंखों की सेहत को न करें नजरअंदाज, एक्सरसाइज और सही खानपान से बढ़ाई जा सकती है नजर की ताकत
सरल व्यायाम, योग और पौष्टिक आहार से आंखों की सेहत और दृष्टि में सुधार हो सकता है। आंखों की बीमारियों, स्क्रीन टाइम के प्रभावों और आंखों को स्वस्थ रखने के प्राकृतिक उपायों के बारे में जानें।
अक्सर लोग दिल, लिवर, किडनी, फेफड़े और मांसपेशियों की सेहत के लिए नियमित एक्सरसाइज करते हैं, लेकिन आंखों की सेहत पर उतना ध्यान नहीं देते। जबकि आंखें न सिर्फ देखने का जरिया हैं, बल्कि शरीर की कई बीमारियों के संकेत भी देती हैं। आंखों में शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और शरीर में ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में आंखों की अनदेखी करना पूरे शरीर की सेहत पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही एक्सरसाइज, संतुलित खानपान और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करके आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियां
आंखों से जुड़ी बीमारियों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ने हाल ही में ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे रेटिना की नसों को ट्रैक कर बीमारी का पता लगाया जा सकता है। कैटरेक्ट, मायोपिया, ड्राई आई सिंड्रोम और ग्लूकोमा जैसी बीमारियां आम होती जा रही हैं। 40 साल की उम्र के बाद अगर बार-बार धुंधला दिखे, सिरदर्द बना रहे या रात में रोशनी आंखों में चुभे, तो यह ग्लूकोमा यानी काले मोतिया की शुरुआत हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों में इसका खतरा सामान्य लोगों से दोगुना होता है। देश में इस बीमारी से करीब सवा करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
नजर कमजोर होने की बड़ी वजहें
आजकल मोबाइल और स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल आंखों का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है। लगातार फोन देखने से बेचैनी 61 प्रतिशत, गुस्सा 58 प्रतिशत, हाइपरएक्टिवनेस 50 प्रतिशत और चिड़चिड़ापन 47 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इंटरनेट और ओटीटी प्लेटफॉर्म बच्चों से लेकर बड़ों तक की आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा डायबिटीज, हाई बीपी, प्रदूषण, ठंडी हवा और न्यूरो संबंधी समस्याएं भी आंखों पर बुरा असर डालती हैं।
खानपान से बढ़ाएं आंखों की रोशनी
आंखों की सेहत के लिए गाजर, शकरकंद, स्ट्रॉबेरी और आंवला बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। स्वामी रामदेव के योगिक और आयुर्वेदिक उपाय भी आंखों के लिए लाभकारी बताए जाते हैं। चश्मा उतारने में मदद के लिए बादाम, सौंफ और मिश्री को पीसकर पाउडर बनाएं और रात में गर्म दूध के साथ सेवन करें। एलोवेरा और आंवला का जूस भी आंखों की रोशनी सुधारने में सहायक हो सकता है।
आंखों के लिए जरूरी एक्सरसाइज
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए सुबह और शाम 30 मिनट प्राणायाम करना फायदेमंद है। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम आंखों की नसों को मजबूत करते हैं। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए महात्रिफला घृत को एक चम्मच दूध के साथ दिन में दो बार भोजन के बाद लिया जा सकता है।
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