क्या रोज खाई जाने वाली रोटी सेहत के लिए सही है? डॉक्टर ने दी खास सलाह
जानिए गेहूं की रोटी रक्त शर्करा को कैसे प्रभावित करती है और ज्वार, बाजरा या रागी जैसे आटे में से कौन सा आटा मधुमेह और वजन घटाने के लिए बेहतर है।
भारत में ज्यादातर लोग दिन में दो से तीन बार रोटी खाते हैं। रोटी हमारे भोजन का मुख्य हिस्सा मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही रोटी आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, खासकर अगर आप डायबिटीज या वजन बढ़ने जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। अगर आपको वजन कम करना है या ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना है, तो यह जानना जरूरी है कि आप किस आटे की रोटी खा रहे हैं। गलत चुनाव से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
डॉक्टर ने क्या दी सलाह
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. ने एक पॉडकास्ट में रोटी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इंस्टाग्राम पर साझा वीडियो में उन्होंने कहा कि केवल गेहूं की रोटी खाना सेहत के लिए सही नहीं है। उनके अनुसार, सिर्फ गेहूं की रोटी खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया कि अगर संभव हो तो शुद्ध गेहूं की रोटी खाना बंद कर देना चाहिए और उसकी जगह दूसरे अनाज को अपनाना चाहिए।
गेहूं और ब्लड शुगर का संबंध
डॉ. ने बताया कि गेहूं एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है, जो शुगर के मॉलीक्यूल्स से बना होता है। ये लंबी और जटिल श्रृंखलाओं में जुड़े रहते हैं। सीडीसी के अनुसार, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं क्योंकि इनमें फाइबर और स्टार्च होता है, जिसे पचाने में समय लगता है। फिर भी डॉक्टर का मानना है कि शुद्ध गेहूं की रोटी सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए।
किस आटे की रोटी है बेहतर विकल्प
डायबिटीज के मरीजों के लिए ज्वार की रोटी फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इससे इंसुलिन का स्तर कम प्रभावित होता है। प्रोटीन बढ़ाने के लिए बाजरा अच्छा विकल्प है। अगर शरीर में आयरन की कमी है तो रागी की रोटी लाभकारी हो सकती है। यदि किसी एक अनाज की रोटी पसंद न हो तो मल्टीग्रेन आटे की रोटी भी खाई जा सकती है। सही आटे का चुनाव आपकी सेहत के लिए अहम साबित हो सकता है।
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