चेक बाउंस मामले में नया मोड़ राजपाल यादव केस में अमिताभ बच्चन के इवेंट से जुड़ा विवाद आया सामने
अभिनेता राजपाल यादव को 2012 के चेक बाउंस मामले में मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत मिल गई है। वकील ने खुलासा किया है कि विवाद का संबंध फिल्म 'अता पता लपाता' और अमिताभ बच्चन के एक कार्यक्रम से है।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों 2012 के एक पुराने चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। इस मामले में उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा था। उन्होंने 5 फरवरी को आत्मसमर्पण किया था। बाद में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने की अनुमति के लिए याचिका दायर की। सुनवाई के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत दे दी। 16 फरवरी को उन्हें राहत मिली और फिलहाल वह जेल से बाहर हैं। इसी बीच उनके वकील ने पूरे विवाद से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय के अनुसार यह मामला फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है। इस फिल्म के लिए बिजनेसमैन माधव गोपाल ने अभिनेता को 5 करोड़ रुपये का लोन दिया था। अगस्त 2012 तक दोनों के बीच तीन और समझौते हुए। इसके तहत राजपाल यादव ने पांच चेक जारी किए, जिन्हें दिसंबर 2012 तक भुनाया जाना था। वकील के अनुसार म्यूजिक लॉन्च इवेंट तक दोनों के संबंध सामान्य थे। इसी कार्यक्रम में महानायक अमिताभ बच्चन भी मौजूद थे। यहीं से विवाद की शुरुआत बताई जा रही है।
इवेंट में क्या हुआ था
बताया गया कि सितंबर 2012 में हुए म्यूजिक लॉन्च कार्यक्रम में माधव गोपाल अग्रवाल अमिताभ बच्चन के साथ मंच साझा करना चाहते थे। लेकिन राजपाल यादव की टीम ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया, क्योंकि अमिताभ बच्चन बिना किसी फीस के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस बात से नाराज होकर माधव गोपाल ने सितंबर 2012 में दिल्ली हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने लोन की वापसी और फिल्म पर रोक लगाने की मांग की।
समझौता, नया आदेश और जेल तक पहुंचा मामला
मामला सितंबर से दिसंबर तक चलता रहा। बाद में राजपाल यादव ने 60,60,350 रुपये का चेक दिया और एक नए समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिससे पुराने समझौते रद्द हो गए। लेकिन 2016 में एक नया आदेश आया, जिसमें 10 करोड़ रुपये चुकाने की बात कही गई। बाद में अदालत ने भुगतान की राशि घटाकर 1 करोड़ कर दी। बचे हुए पैसों के लिए आनंत दत्ताराम नाम के गारंटर सामने आए, जिन्होंने 15 करोड़ की संपत्ति जमानत में दी और एक महीने का समय मांगा। लेकिन माधव गोपाल ने इसे स्वीकार नहीं किया और डिक्री के पालन के लिए जेल भेजने की मांग की। 2018 में लोअर कोर्ट ने पुराने चेक के आधार पर राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। नवंबर में तीन महीने की सजा भी सुनाई गई। हालांकि बाद में नए जज ने मामले में दम न होने की बात कही। अभिनेता ने अदालत से समय देने का अनुरोध किया है और फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है।
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