खर्राटे नहीं मामूली समस्या, स्लीप एप्निया से बढ़ सकता है हार्ट और फेफड़ों का खतरा
खर्राटे स्लीप एपनिया और पल्मोनरी हाइपरटेंशन का संकेत हो सकते हैं। इनके कारणों, दुष्प्रभावों और हृदय एवं फेफड़ों से संबंधित जोखिमों से बचाव के लिए सरल घरेलू उपायों के बारे में जानें।
खर्राटे को अक्सर लोग मजाक या सामान्य समस्या समझ लेते हैं, लेकिन अब यह सिर्फ नींद खराब करने वाली आवाज नहीं रह गई है। डॉक्टरों और नई रिसर्च के अनुसार, खर्राटे शरीर के अंदर चल रही गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। खासकर जब नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है, तो यह ‘ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया’ की ओर इशारा करता है। इस स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है और दिल व फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
स्लीप एप्निया और पल्मोनरी हाइपरटेंशन का खतरा
लेटेस्ट रिसर्च के मुताबिक खर्राटे लेने वाले करीब 72% मरीजों में पल्मोनरी हाइपरटेंशन पाया गया है। यह स्थिति हार्ट फेल्योर और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देती है। लंबे समय तक सांस रुकने से फेफड़ों की क्षमता घटती है और COPD जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। देश में लगभग 11 करोड़ लोग स्लीप एप्निया से प्रभावित हैं, लेकिन अधिकतर लोग इसे साधारण खर्राटे समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
दिल और सेहत पर असर
जब सांस बार-बार रुकती है, तो दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इसके कारण दिन में थकान, सिरदर्द और सांस फूलने जैसी समस्याएं होती हैं। बदलते मौसम में धूल, पोलन और प्रदूषण बढ़ने से एलर्जी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के मामले भी बढ़ जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
खर्राटों की वजह और साइड इफेक्ट
मोटापा, थायराइड, टॉन्सिल, हाइपरटेंशन, डायबिटीज और अस्थमा इसकी मुख्य वजह हैं। इसके साइड इफेक्ट में अनिद्रा, शुगर-बीपी असंतुलन, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, साइलेंट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक शामिल हैं। 46% लोग खर्राटों से परेशान हैं और 20% कपल अलग-अलग सोने को मजबूर हैं।
घरेलू उपाय और बचाव के तरीके
अच्छी नींद के लिए ताजा खाना खाएं, तले-भुने भोजन से बचें, 5-6 लीटर पानी पिएं और रोज व्यायाम करें। पुदीने के तेल से गरारे और लहसुन का सेवन फायदेमंद हो सकता है। हल्दी दूध, दालचीनी, इलायची वाला पानी और स्टीम लेना भी राहत देता है। हाइपरटेंशन से बचने के लिए तनाव कम लें, समय पर भोजन करें और जंक फूड से दूर रहें।
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