इस देश में पत्नी को मारने पर भी नहीं होगी कड़ी सजा… नए कानून की शर्त सुनकर दंग रह जाएंगे आप

अफगानिस्तान में तालिबान प्रमुख हिबतुल्लाह अखुनजादा ने नई दंड संहिता लागू की है, जिसमें महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने वाले कई प्रावधान बताए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार घरेलू हिंसा पर सख्त सजा तभी होगी जब गंभीर चोट के सबूत हों, वरना कम सजा का प्रावधान है। बिना पति की अनुमति रिश्तेदारों से मिलने पर भी महिला को जेल हो सकती है और पुराने महिला सुरक्षा कानून को खत्म कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस कानून को महिलाओं के लिए चिंताजनक बताया है।

Feb 19, 2026 - 11:19
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इस देश में पत्नी को मारने पर भी नहीं होगी कड़ी सजा… नए कानून की शर्त सुनकर दंग रह जाएंगे आप

अफगानिस्तान से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुनजादा ने 90 पन्नों की नई दंड संहिता पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कानून को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इसमें महिलाओं के अधिकारों को बेहद सीमित करने वाले कई प्रावधान बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कानून के बाद महिलाओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है। खास बात यह है कि इसमें घरेलू मामलों और सजा के नियमों को लेकर कई विवादित प्रावधान शामिल बताए गए हैं।

घरेलू हिंसा को लेकर विवादित प्रावधान
नए कानून का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा घरेलू हिंसा से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पति द्वारा पत्नी या बच्चों को मारने पर सजा तभी सख्त होगी, जब गंभीर चोट जैसे हड्डी टूटने या स्पष्ट घाव के सबूत हों। अन्य मामलों में आरोपी को अधिकतम 15 दिन तक की सजा का प्रावधान बताया गया है। वहीं, महिला को शिकायत साबित करने के लिए पुरुष अभिभावक की मौजूदगी जरूरी होने की बात भी सामने आई है, जिससे न्याय प्रक्रिया कठिन मानी जा रही है।

सजा का वर्गीकरण और न्याय व्यवस्था
इस दंड संहिता में न्याय व्यवस्था को चार वर्गों में बांटने का भी प्रावधान बताया गया है। इसके अनुसार धार्मिक विद्वानों को अपराध पर केवल सलाह देकर छोड़ा जा सकता है, जबकि उच्च वर्ग के लोगों को चेतावनी दी जा सकती है। मध्यम वर्ग के लिए जेल और निम्न वर्ग के लिए जेल के साथ शारीरिक दंड जैसे कोड़े मारने की व्यवस्था बताई गई है। इसे समानता के अधिकार के खिलाफ माना जा रहा है।

महिलाओं की आवाजाही और पुराने कानून खत्म
कानून में यह भी कहा गया है कि यदि कोई महिला अपने पति की अनुमति के बिना रिश्तेदारों से मिलने जाती है, तो उसे तीन महीने तक जेल हो सकती है। इसके साथ ही 2009 में बना महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन कानून (EVAW) समाप्त कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि महिलाओं के पास सुरक्षा के कानूनी विकल्प कम हो सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत रीम अलसलेम ने इस कानून को महिलाओं के लिए डरावना बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दुनिया महिलाओं की इन आवाजों को सुनेगी।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।