एपस्टीन फाइलों में नाम आने पर अनुराग कश्यप ने तोड़ी चुप्पी, बोले– ‘कभी बीजिंग गया ही नहीं’
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने एपस्टीन फाइलों से जुड़े दावों का खंडन किया और वायरल ईमेल को फर्जी बताया। अमेरिकी न्याय विभाग ने लाखों दस्तावेज जारी किए।
पिछले कुछ हफ्तों से एपस्टीन फाइलें दुनियाभर में सुर्खियों में बनी हुई हैं। ये फाइलें कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हैं, जिनमें दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। इन रिकॉर्ड्स में कई प्रभावशाली और जाने-माने लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल गया है। इसी वजह से राजनीति, बिजनेस और फिल्मी दुनिया से जुड़े कई नाम चर्चा में हैं। कुछ हस्तियों ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से सफाई भी दी है, जिनमें बिल गेट्स और भारतीय-अमेरिकी लेखक दीपक चोपड़ा शामिल हैं। इसी क्रम में अब फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप का नाम भी सामने आया है।
अनुराग कश्यप का नाम कैसे जुड़ा
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक ईमेल वायरल हो रहा है, जिसमें अनुराग कश्यप को एक मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर बताया गया है। इस ईमेल में दावा किया गया कि उन्होंने साल 2017 में बीजिंग में आयोजित एक एपस्टीन इवेंट में शामिल होने के लिए सहमति दी थी। इस दावे के सामने आने के बाद अनुराग कश्यप का नाम तेजी से चर्चा में आ गया और लोगों के बीच सवाल उठने लगे।
अनुराग कश्यप ने किया साफ इनकार
अनुराग कश्यप ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने HT सिटी से बातचीत में कहा कि उन्हें इस ईमेल या इवेंट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह अपनी जिंदगी में कभी बीजिंग नहीं गए हैं। कश्यप के मुताबिक, उन्हें हर महीने करीब 15 स्पीकर इनविटेशन आते हैं, जिनका वह शायद ही कभी जवाब देते हैं। उन्होंने वायरल हो रही सामग्री की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह एक रैंडम ईमेल लगता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनके नाम पर क्लिकबेट उनकी फिल्मों से ज्यादा पॉपुलर हो चुके हैं।
एपस्टीन फाइलों से जुड़े नए खुलासे
इस बीच अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े लाखों अतिरिक्त रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के अनुसार, 30 जनवरी को तीन मिलियन से अधिक पन्नों के दस्तावेज जारी किए गए। ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी किए गए हैं, जो सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू हुआ था।
क्यों अहम हैं ये दस्तावेज
इन फाइलों में एपस्टीन के नेटवर्क, उनके अपराधों और प्रभावशाली लोगों से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। कुल मिलाकर अब तक करीब 5.2 मिलियन पेज की समीक्षा की जा चुकी है, जिसमें कई नए दस्तावेज भी हैं जो पहले सार्वजनिक नहीं थे। इन खुलासों के बाद दुनियाभर में बहस तेज हो गई है और मीडिया व समाज में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं।
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