अब बिना नोटिस गिरफ्तारी नहीं… सुप्रीम कोर्ट का आदेश हर आम नागरिक के लिए बेहद जरूरी

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सात साल तक की सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी से पहले पुलिस को नोटिस जारी करना होगा। गिरफ्तारी अंतिम विकल्प होना चाहिए, न कि नियमित प्रक्रिया।

Feb 6, 2026 - 09:33
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अब बिना नोटिस गिरफ्तारी नहीं… सुप्रीम कोर्ट का आदेश हर आम नागरिक के लिए बेहद जरूरी

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने आम नागरिकों के अधिकारों को मजबूत करते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जिन अपराधों में अधिकतम 7 साल तक की सजा का प्रावधान है, उनमें पुलिस किसी व्यक्ति को सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी से पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा। बिना नोटिस के की गई गिरफ्तारी को गलत माना जाएगा। यह फैसला पुलिस की गिरफ्तारी की शक्ति पर स्पष्ट सीमाएं तय करता है और नागरिकों को अनावश्यक हिरासत से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

किस मामले में आया फैसला
यह फैसला सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामले में सुनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी पुलिस का अधिकार जरूर है, लेकिन इसे मजबूरी या रोजमर्रा की प्रक्रिया की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हर मामले में गिरफ्तारी जरूरी नहीं होती।

नोटिस देना क्यों जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 35(3) का हवाला देते हुए कहा कि 7 साल तक की सजा वाले अपराधों में आरोपी को पहले नोटिस देना जरूरी है। इस नोटिस के जरिए आरोपी को जांच में शामिल होने और पुलिस का सहयोग करने का मौका दिया जाता है। कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ संदेह या सामान्य परिस्थितियों के आधार पर गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।

पूछताछ के लिए गिरफ्तारी पर रोक
कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस केवल पूछताछ के नाम पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती। गिरफ्तारी तभी होनी चाहिए जब पुलिस अधिकारी को ठोस और मजबूत कारण दिखाई दें। अगर बिना हिरासत के जांच आगे बढ़ सकती है, तो गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

पहले नोटिस, फिर आखिरी विकल्प गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि गिरफ्तारी को आखिरी विकल्प के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अगर आरोपी जांच में सहयोग नहीं करता या बिना गिरफ्तारी के जांच संभव नहीं है, तभी हिरासत में लिया जा सकता है। पुलिस अपनी मनमर्जी से गिरफ्तारी नहीं कर सकती और हर कदम के पीछे ठोस वजह होनी चाहिए।

आम लोगों को क्या फायदा
इस फैसले का सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा। अब 7 साल तक की सजा वाले मामलों में बिना वजह गिरफ्तारी नहीं होगी। पहले नोटिस दिया जाएगा और अगर पुलिस गिरफ्तारी करना चाहती है, तो उसे इसके पुख्ता कारण बताने होंगे। इससे नागरिकों के अधिकार मजबूत होंगे और पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता आएगी।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।