मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ विवादों में, मेकर्स को भेजा गया कानूनी नोटिस
मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म 'घुसखोर पंडित' विवादों में घिर गई है, क्योंकि मुंबई के एक वकील ने 'पंडित' शब्द के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है।
बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी अपनी नई फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह फिल्म की कहानी नहीं बल्कि उससे जुड़ा विवाद है। हाल ही में एक इवेंट के दौरान फिल्म का टीजर रिलीज किया गया, जिसके बाद इस पर आपत्ति जताई गई। मुंबई के एक वकील ने फिल्म के नाम और विषय को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। आरोप है कि फिल्म में ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे एक पूरे समुदाय की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
वकील ने क्यों भेजा कानूनी नोटिस
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने यह नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय समाज में सम्मान, नैतिकता और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इसे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे शब्दों के साथ जोड़ना न केवल गलत है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचती है। वकील का आरोप है कि फिल्म जानबूझकर सनसनी फैलाने के लिए ऐसा नाम रखकर एक समुदाय की छवि को बदनाम कर रही है।
नेटफ्लिक्स और क्रिएटिव फ्रीडम पर सवाल
नोटिस में यह भी कहा गया है कि नेटफ्लिक्स जैसी बड़ी और जिम्मेदार कंपनी इस तरह के कंटेंट को प्रमोट कर रही है, जो चिंता का विषय है। वकील का कहना है कि यह मामला केवल क्रिएटिव फ्रीडम का नहीं है, बल्कि कला के नाम पर किसी समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का है। उनका आरोप है कि फिल्म का नाम सामाजिक संवेदनशीलता को नजरअंदाज करके रखा गया है। इसी कारण उन्होंने मेकर्स से फिल्म का नाम बदलने की मांग भी की है।
मेकर्स की ओर से कोई बयान नहीं
अब तक नेटफ्लिक्स या फिल्म के निर्माताओं की तरफ से इस कानूनी नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में मेकर्स इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।
टीजर में क्या दिखाया गया है
फिल्म के टीजर की बात करें तो इसमें मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आते हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। टीजर के अनुसार, यह किरदार एक बदनाम पुलिस अधिकारी है। बताया गया है कि अजय दीक्षित 20 साल पहले सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए थे, लेकिन अपने कारनामों की वजह से उन्हें कई बार डिमोट किया गया। इसी कहानी और किरदार को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है।
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