यूपी में बदल रहा मुस्लिम वोट का गणित… सपा के PDA और M–Y फॉर्मूले पर खतरे के संकेत, AIMIM की बढ़ती ताकत से हलचल

उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम की बढ़ती सदस्यता 2027 के चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी के मुस्लिम-यादव वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है। 90 लाख सदस्यों के दावे से राजनीतिक हलचल मची हुई है।

Feb 15, 2026 - 11:53
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यूपी में बदल रहा मुस्लिम वोट का गणित… सपा के PDA और M–Y फॉर्मूले पर खतरे के संकेत, AIMIM की बढ़ती ताकत से हलचल

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख वोट बैंक माने जाने वाले मुस्लिम–यादव (M–Y) समीकरण में दरार की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) में तेजी से बढ़ती सदस्य संख्या ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग AIMIM से जुड़ रहे हैं, जिससे समाजवादी पार्टी की बुनियाद कमजोर पड़ सकती है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर यह रुझान जारी रहा तो आगामी चुनाव में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

AIMIM का दावा: यूपी में 90 लाख से ज्यादा सदस्य
AIMIM के पूर्व प्रदेश सचिव और वर्तमान पूर्वांचल जोन अध्यक्ष इशरार खान का कहना है कि अखिलेश यादव मुस्लिमों की सही नेतृत्व क्षमता नहीं दिखा पाए। उनका दावा है कि देश के मुसलमानों के लिए असली नेता ओवैसी हैं। इशरार अहमद के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पार्टी के 90 लाख से अधिक सदस्य हैं। बिहार और महाराष्ट्र चुनाव के बाद लगभग 30 लाख नए सदस्य जुड़े, जिनमें 80 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम बताए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि पिछले छह महीनों में करीब 24 लाख मुस्लिम AIMIM से जुड़े हैं, जो चौंकाने वाला आंकड़ा माना जा रहा है।

आजम खान और पुराने मुद्दों से नाराजगी का दावा
AIMIM नेताओं का आरोप है कि आजम खान के जेल जाने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने मजबूती से आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा मुजफ्फरनगर दंगे, मदरसों, कब्रिस्तानों और मस्जिदों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी मुस्लिम समाज में नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि जब इन मामलों में खुलकर विरोध नहीं किया गया तो मुस्लिम वोट मांगने का नैतिक अधिकार भी कमजोर पड़ता है।

क्या सपा को लगेगा बड़ा झटका?
आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं। यदि AIMIM के सदस्यता दावों को सही माना जाए तो बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता नए राजनीतिक विकल्प की ओर बढ़ते दिख सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस, बसपा, भाजपा और अन्य दलों के समर्थकों को अलग करने के बाद भी समाजवादी पार्टी को 2027 चुनाव में मुस्लिम वोटों के मोर्चे पर चुनौती मिल सकती है। चुनाव में अभी समय बाकी है, इसलिए आने वाले महीनों में स्थिति और बदल सकती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।