5 करोड़ रंगदारी वाला शूटर पकड़ा गया… दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में उजागर हुआ इंटरनेशनल गैंग नेटवर्क
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कौशल चौधरी गिरोह के प्रमुख शूटर कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर एक व्यवसायी की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया। विदेशी गैंगस्टरों से जुड़े चौंकाने वाले संबंध सामने आए।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में होने वाली एक बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया है। पुलिस ने कुख्यात कौशल चौधरी गैंग के मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर कुलदीप सिंह (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बुराड़ी इलाके के एक बड़े कारोबारी की हत्या की साजिश रच रहा था, ताकि दिल्ली में गैंग का खौफ कायम किया जा सके। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनसे पता चला कि इस पूरी साजिश की डोर विदेश में बैठे गैंगस्टरों से जुड़ी हुई थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
कारोबारी की हत्या की साजिश, पुलिस ने समय रहते पकड़ा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आईपीएस हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने द्वारका सेक्टर-17 के पास घेराबंदी कर कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया। वह चोरी की स्कूटी पर सवार था और पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहा था। तलाशी लेने पर उसके पास से PX-30 ऑटोमैटिक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाला था।
विदेश से रची गई थी पूरी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि हत्या की पूरी योजना विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने बनाई थी। इसके मास्टरमाइंड पुर्तगाल में मौजूद गुरदीप उर्फ पाजी और गैंगस्टर पवन शोकीन बताए जा रहे हैं। इनका मकसद दिल्ली में संगठित रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करना और अपना दबदबा कायम करना था। वारदात के लिए हथियार हरियाणा के अंबाला से लाए गए थे, जबकि कुछ हथियार प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भी भेजे गए थे।
5 करोड़ की रंगदारी और कई मामलों में शामिल
कुलदीप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी गंभीर बताया जा रहा है। वह पंजाब के होशियारपुर में 5 करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए सरेआम फायरिंग की घटना में शामिल रहा है। इसके अलावा दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में फायरिंग और धमकी देने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज है। जिस स्कूटी से वह घूम रहा था, वह उत्तर प्रदेश के मुरादनगर से चोरी की गई थी।
पिता की हत्या के बाद अपराध की राह पर चला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुलदीप बीए सेकंड ईयर का छात्र था और पढ़ाई करना चाहता था। लेकिन 2019 में संपत्ति विवाद में उसके पिता की हत्या हो गई, जिसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। वह एन्क्रिप्टेड ऐप्स जैसे टेलीग्राम और सिग्नल के जरिए विदेश में बैठे गैंग सरगनाओं से निर्देश लेता था। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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