24 फरवरी से शुरू होलाष्टक, जानिए अशुभ समय में कौन से 7 मंत्र करेंगे रक्षा
होलाष्टक 2026, 24 फरवरी से 3 मार्च तक है। इस दौरान नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मकता प्राप्त करने के लिए 7 शक्तिशाली मंत्रों के बारे में जानें।
होली से पहले आने वाले होलाष्टक को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। साल 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च को होलिका दहन के दिन समाप्त होंगे। मान्यता है कि ये आठ दिन शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं होते। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि इस समय नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं। हालांकि, शास्त्रों में कुछ ऐसे मंत्र बताए गए हैं जिनका जप करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और मन को शांति मिलती है।
श्रीगणेश और भगवान कृष्ण के मंत्र
होलाष्टक के दिनों में भगवान गणेश के मंत्र “वक्रतुण्ड महाकाय…” का जप करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसी तरह भगवान कृष्ण के मंत्र “ॐ कृष्णाय वासुदेवाय…” का जप करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। सुबह और शाम इस मंत्र का जाप करने से दुख और कष्टों में कमी आती है।
महादेव के मंत्रों का महत्व
भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…” का जप होलाष्टक में विशेष फलदायी माना गया है। इससे रोग और भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही शनि, राहु-केतु और चंद्रमा के बुरे प्रभाव को भी कम करने में यह सहायक माना जाता है। इसके अलावा रुद्र गायत्री मंत्र “ॐ तत्पुरुषाय विद्महे…” का जप करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।
महालक्ष्मी, विष्णु और देवी मंत्र
माता महालक्ष्मी के मंत्र “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं…” का जप आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक खुशियों के लिए किया जाता है।भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नारायणाय विद्महे…” से बुद्धि और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ने की मान्यता है।वहीं देवी मंत्र “या देवी सर्वभूतेषु…” का जप शक्ति और सुरक्षा प्रदान करने वाला माना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक में इन मंत्रों का श्रद्धा से जप करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
