रमजान में मुसलमान क्यों रखते हैं रोजा… सहरी, इफ्तार और तरावीह तक, जानें हर जरूरी बात

रमजान महीने की शुरुआत के साथ मुस्लिम समुदाय ने पहला रोजा रखा है। यह इस्लाम का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें रोजा, नमाज, कुरान की तिलावत और दान का विशेष महत्व होता है। रोजा सहरी से शुरू होकर सूर्यास्त पर इफ्तार से खोला जाता है, जबकि रात में तरावीह की नमाज पढ़ी जाती है। रमजान का संदेश सब्र, आत्म अनुशासन और अच्छे कर्म करना है, इसलिए इसे रहमत और बरकत का महीना कहा जाता है।

Feb 19, 2026 - 10:29
Feb 19, 2026 - 10:30
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रमजान में मुसलमान क्यों रखते हैं रोजा… सहरी, इफ्तार और तरावीह तक, जानें हर जरूरी बात

रमजान महीने की आज से शुरुआत हो गई है और मुस्लिम समुदाय ने पहला रोजा रखा है। इस्लामिक कैलेंडर का यह नौवां महीना सबसे खास और पवित्र माना जाता है। इस दौरान रोजा रखना, पांच वक्त की नमाज पढ़ना, कुरान शरीफ की तिलावत करना और जरूरतमंदों की मदद करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। मस्जिदों में नमाजियों की संख्या बढ़ गई है और घरों में भी इबादत का माहौल दिखाई दे रहा है। रमजान को सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्म अनुशासन और इंसानियत को मजबूत करने वाला महीना माना जाता है।

रमजान क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना
इस्लामिक मान्यता के अनुसार इसी महीने में अल्लाह ने हजरत मुहम्मद पर कुरान शरीफ का अवतरण किया था। इसलिए रमजान का महत्व और बढ़ जाता है। रोजा रखने का मकसद सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं, बल्कि अपने विचारों और व्यवहार को भी बेहतर बनाना होता है। माना जाता है कि इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।

सहरी से शुरू होता है रोजे का सफर
रोजेदार सुबह सूरज निकलने से पहले सहरी करते हैं। यह दिन का पहला भोजन होता है, जो फज्र की अजान से पहले तक किया जाता है। इसके बाद रोजा शुरू हो जाता है और शाम तक कुछ भी खाना-पीना नहीं होता। सहरी का उद्देश्य यह होता है कि व्यक्ति पूरे दिन ऊर्जा के साथ इबादत कर सके और रोजा सही तरीके से निभा सके।

इफ्तार: रोजा खोलने के साथ भाईचारे का एहसास
सूर्यास्त के बाद मग़रिब की अजान होते ही रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं। परंपरा के अनुसार खजूर और पानी से रोजा खोला जाता है, फिर नमाज अदा की जाती है और भोजन किया जाता है। इफ्तार का सामाजिक महत्व भी बहुत बड़ा है, क्योंकि कई जगह लोग मिलकर सामूहिक इफ्तार करते हैं, जिससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।

तरावीह और रमजान का असली मकसद
रमजान में ईशा की नमाज के बाद तरावीह पढ़ी जाती है, जो सिर्फ इसी महीने में होती है। इसमें कुरान की तिलावत की जाती है और कई मस्जिदों में पूरे महीने में पूरा कुरान पढ़ा जाता है। रमजान का असली संदेश यह है कि इंसान बुरे कामों से दूर रहे, गुस्से और झूठ से बचे और ज्यादा से ज्यादा अच्छे काम करे। इसी कारण इसे रहमत, बरकत और मगफिरत यानी माफी का महीना कहा जाता है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। यूपी न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।