योगी सरकार की सख्ती, चंदौली जमीन घोटाले में गाजियाबाद-एटा-बुलंदशहर के 3 SDM सस्पेंड

आधिकारिक जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने चंदौली जिले में सरकारी और ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों का कथित तौर पर पक्ष लेने के आरोप में तीन एसडीएम अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

Feb 6, 2026 - 10:14
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योगी सरकार की सख्ती, चंदौली जमीन घोटाले में गाजियाबाद-एटा-बुलंदशहर के 3 SDM सस्पेंड

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से जुड़ा एक गंभीर प्रशासनिक मामला सामने आया है। सरकारी और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोप में यूपी सरकार ने तीन एसडीएम स्तर के अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी पाए जाने के बाद की गई है। शासन के इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए अधिकारियों में एसडीएम लालता प्रसाद, जो वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात हैं, एसडीएम सतीश कुमार, जो एटा में तैनात हैं और एसडीएम विराग पांडेय, जो इस समय बुलंदशहर में तैनात हैं, शामिल हैं। शासन ने निलंबन की अवधि में इन तीनों अधिकारियों को आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। निलंबन का आदेश प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज की ओर से जारी किया गया है।

जांच में कैसे खुली अनियमितता की परतें
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब चंदौली के जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने निस्तारित की जा चुकी विभिन्न पत्रावलियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि ग्राम समाज की जमीन जैसे खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, परती और बंजर भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ पहले से पारित बेदखली और वसूली के आदेशों को बाद में वापस ले लिया गया था।

अवैध कब्जेदारों को दिया गया अनुचित लाभ
जांच में सामने आया कि इन मामलों में पहले ही अवैध कब्जेदारों के खिलाफ आदेश पारित हो चुके थे, लेकिन तत्कालीन तहसीलदार रहते हुए इन अधिकारियों ने पीठासीन अधिकारी के रूप में उन आदेशों को निरस्त कर दिया और कब्जेदारों के पक्ष में फैसले दे दिए। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति में एडीएम न्यायिक, एसडीएम चकिया और एसडीएम चंदौली को शामिल किया गया।

शासन की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि तीनों अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए ग्राम सभा की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और चुनिंदा कब्जेदारों को लाभ दिया। इसके बाद डीएम ने शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी। शासन ने त्वरित कदम उठाते हुए तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मामले में विभागीय जांच जारी रहेगी और दोष सिद्ध होने पर आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।