बरेली सिटी मजिस्ट्रेट आवास पर 22 लाख की आरसी जारी, प्रशासन की नाराजगी के बाद बिजली विभाग बैकफुट पर
बिजली विभाग ने बरेली के पूर्व नगर मजिस्ट्रेट के आवास के लिए 22 लाख रुपये से अधिक की वसूली का प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसे बाद में प्रशासनिक आपत्ति के बाद वापस ले लिया गया।
बरेली के एडीएम कंपाउंड स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस सरकारी आवास में पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रहते थे, जिन्होंने हाल ही में अपने पद और सेवा से इस्तीफा दिया है। बिजली विभाग ने इस आवास पर करीब 22 लाख रुपये से अधिक का बकाया दिखाते हुए रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर दी। जैसे ही यह आरसी कलेक्ट्रेट पहुंची, प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और मामले को लेकर तत्काल नाराजगी जताई गई।
22 लाख 73 हजार रुपये का बकाया दिखाया
जानकारी के अनुसार रामपुर बाग स्थित बिजली विभाग के कॉमर्शियल-2 वर्टिकल कार्यालय से अधिशासी अभियंता वाणिज्यक वर्टिकल द्वितीय कार्यालय द्वारा यह मांगपत्र वसूली के लिए भेजा गया था। आरसी में 22 लाख 73 हजार 932 रुपये की बकाया राशि दर्शाई गई थी। यह मामला सामने आते ही कलेक्ट्रेट में खलबली मच गई। अधिकारियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
फाइल गोपनीय रखने के निर्देश
मामले को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए जिला संग्रह कार्यालय से लेकर तहसील सदर तक फाइल को गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। बताया गया कि नियमों के अनुसार किसी सरकारी अधिकारी या सरकारी आवास पर बकाया होने की स्थिति में सीधे आरसी जारी नहीं की जाती।
बैकफुट पर आया बिजली विभाग
प्रशासनिक स्तर पर आपत्ति दर्ज होने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी बैकफुट पर आ गए। अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार ने आरसी वापस लेने के लिए पत्र भी जारी कर दिया है। विभाग अब आनन-फानन में आरसी को निरस्त करने की प्रक्रिया में जुट गया है। इधर, पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के समर्थक भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासनिक हलकों में हलचल बनी हुई है और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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