निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को मिलेगा आरोप पत्र, शासन ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ आरोपपत्र को मंजूरी दे दी है। डीएम शामली आरोपपत्र तामील करेंगे और जवाब मांगेंगे।

Feb 4, 2026 - 13:24
 0  2
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को मिलेगा आरोप पत्र, शासन ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने और उसके बाद लगातार बयानबाजी करने के मामले में अब उनके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई आगे बढ़ा दी गई है। बरेली जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया गया आरोप पत्र शासन स्तर से अनुमोदित हो चुका है। अब यह आरोप पत्र शामली के जिलाधिकारी को भेजा जाएगा, जहां अलंकार अग्निहोत्री वर्तमान में संबद्ध हैं। इसके बाद उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

शामली के डीएम देंगे आरोप पत्र
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत शासन ने बरेली जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए आरोप पत्र को मंजूरी दे दी है। यह आरोप पत्र मंडलायुक्त के पास भेजा गया है, जो इसे अलंकार अग्निहोत्री की मौजूदा तैनाती स्थल शामली के जिलाधिकारी को अग्रेषित करेंगे। जिलाधिकारी शामली आरोप पत्र को अलंकार को रिसीव कराएंगे और उनसे जवाब लिया जाएगा। जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

गणतंत्र दिवस पर दिया था इस्तीफा
अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन दोपहर में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण यूजीसी के नए नियम और प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट को बताया था। इसके बाद उनके बयान लगातार सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे। उसी दिन प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। अगले दिन उनके और समर्थकों के प्रदर्शन सिटी मजिस्ट्रेट आवास से लेकर कलेक्ट्रेट तक चले, जिसकी वीडियोग्राफी कराकर शासन को भेजी गई।

क्या हैं अलंकार पर आरोप
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री पर आरोप है कि उन्होंने इस्तीफा स्वीकार होने से पहले जातिगत, धार्मिक और राजनीतिक बयान दिए, जो सरकारी सेवक नियमावली का उल्लंघन है। इसके अलावा बिना अनुमति भीड़ जुटाकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करने का आरोप भी है, जिससे लोक शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही गई है।

एससी-एसटी एक्ट पर बयान से बढ़ा विवाद
छह दिन बाद अलंकार अग्निहोत्री दोबारा बरेली पहुंचे, जहां समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने एससी-एसटी एक्ट को काला कानून बताया और कहा कि यदि छह फरवरी तक यह कानून वापस नहीं लिया गया तो सात फरवरी को दिल्ली के लिए पैदल मार्च करेंगे। उन्होंने यूजीसी की नई नियमावली को भी साजिश बताया और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री पर टिप्पणी की। इन बयानों के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।