नम आंखों से बारामती ने दी अजित पवार को अंतिम विदाई, देशभर के दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को बारामती में भावभीनी विदाई दी गई। शीर्ष नेताओं ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। उनके बेटे पार्थ पवार ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को गुरुवार को उनके गृह क्षेत्र बारामती में नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान “अजित दादा अमर रहें” के नारे गूंजते रहे। उनके अचानक निधन से न केवल पवार परिवार बल्कि पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। अजित पवार के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए देश और राज्य की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां बारामती पहुंचीं। सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
देश-प्रदेश के बड़े नेता पहुंचे श्रद्धांजलि देने
अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे समेत कई वरिष्ठ नेता बारामती पहुंचे। सभी नेताओं ने पुष्प अर्पित कर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और लंबे राजनीतिक सफर को याद किया गया।
66 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
अजित पवार का निधन 66 साल की उम्र में हुआ। एक संयोग के तौर पर उनकी कुल आयु 66 साल, 6 महीने और 6 दिन रही। वे अपने राजनीतिक जीवन में छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने। उनका इस तरह अचानक चले जाना सभी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। एक दुखद और दर्दनाक हादसे ने उन्हें हमेशा के लिए परिवार और राजनीति से छीन लिया।
पार्थ पवार के कंधों पर आई परिवार की जिम्मेदारी
अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके छोटे बेटे जय पवार भी साथ मौजूद रहे। परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें उनके भाई श्रीनिवास पवार के बेटे युगेंद्र पवार और चाचा के बेटे रोहित पवार भी शामिल थे, अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। अजित पवार ने अपने जीवन में अपने पिता अनंतराव पवार को भी कम उम्र में खो दिया था, जिनका 1988 में निधन हो गया था। अब अजित पवार के असमय निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी पार्थ पवार के कंधों पर आ गई है।
राजनीति से जुड़ा रहा परिवार का सफर
पार्थ पवार 2019 में माढ़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दोनों बेटे राजनीति से दूर रहे। जुलाई 2023 में शरद पवार से अलग होने के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में अजित पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को बारामती से सुप्रिया सुले के खिलाफ मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें भी हार मिली। इसके बाद सुनेत्रा पवार अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी से राज्यसभा पहुंचीं। अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
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