वाराणसी में एंटी करप्शन की रेड से हड़कंप, दबोचा गया दरोगा, रिश्वत के पैसे फेंककर भागा सिपाही
वाराणसी में रिश्वतखोरी का एक मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार विरोधी दल ने एक पुलिसकर्मी और एक सब-इंस्पेक्टर को आरोपपत्र से नाम हटाने के बदले पैसे मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। काशी विद्यापीठ चौकी में तैनात एक सिपाही और चौकी प्रभारी दरोगा पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। एंटी करप्शन टीम की छापेमारी के दौरान सिपाही रिश्वत के पैसे मुंह पर फेंककर भागने लगा, लेकिन बाद में उसे पकड़ लिया गया। इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है।
केस से नाम हटाने के बदले मांगी गई थी रिश्वत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चंदौली के अलीनगर मुगलचक निवासी प्रहलाद गुप्ता का अपनी पत्नी ममता गुप्ता से विवाद चल रहा था। पत्नी की ओर से उनके खिलाफ कुल पांच मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इन मामलों की जांच की जिम्मेदारी काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा को दी गई थी। आरोप है कि दरोगा शिवाकर मिश्रा ने केस से नाम हटाने के बदले प्रहलाद गुप्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पैसे न देने पर चार्जशीट में नाम डालकर जेल भेजने की धमकी भी दी गई।
एंटी करप्शन टीम ने ऐसे बिछाया जाल
कई दिनों से दबाव बनाए जाने से परेशान होकर प्रहलाद गुप्ता ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। इसके बाद 28 जनवरी को इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में काशी विद्यापीठ चौकी में छापेमारी की योजना बनाई गई। प्रहलाद गुप्ता जब चौकी पहुंचे तो दरोगा ने उनसे सीधे पैसे न लेकर सिपाही गौरव द्विवेदी को देने को कहा। तय योजना के अनुसार प्रहलाद ने 20 हजार रुपये सिपाही को दे दिए, जिसे उसने जैकेट की जेब में रख लिया।
पैसे फेंककर भागा सिपाही, फिर हुई गिरफ्तारी
जैसे ही एंटी करप्शन टीम ने सिपाही को पकड़ने की कोशिश की, वह पैसे फेंककर भागने लगा। हालांकि टीम ने कुछ देर बाद उसे पकड़ लिया। शाम करीब 6 बजे सिपाही गौरव द्विवेदी और चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लालपुर पांडेयपुर थाने ले जाया गया। एंटी करप्शन टीम ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसके बाद डीसीपी काशी गौरव बंसल ने दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया।
दरोगा की पत्नी ने लगाए फंसाने के आरोप
इस मामले में दरोगा शिवाकर मिश्रा की पत्नी शिवानी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनके पति को साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका आरोप है कि एंटी करप्शन टीम पहले से ही दबाव बना रही थी और जबरन कार्रवाई की गई।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं दरोगा
बता दें कि शिवाकर मिश्रा 2019 बैच के दरोगा हैं और बस्ती के रहने वाले हैं। वे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। IIT बीएचयू की छात्रा से जुड़े गैंगरेप मामले के दौरान वे बीएचयू चौकी के प्रभारी थे। उस समय भी उनकी भूमिका पर सवाल उठे थे और आरोप लगा था कि उन्होंने मामले को गलत दिशा में मोड़ने की कोशिश की थी। बाद में मामला एसीपी प्रवीण सिंह ने संभाला था।
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