मुसाफिरखाना में 54 दिन से हड़ताल पर वकील, एसडीएम के खिलाफ पुतला दहन कर तेज किया आंदोलन
मुसाफिरखाना में वकीलों ने भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए 54 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम अभिनव कन्नौजिया का पुतला जलाया।
मुसाफिरखाना में एसडीएम और बार एसोसिएशन के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 54 दिनों से बार एसोसिएशन न्यायिक कार्य से विरत रहकर एसडीएम का विरोध कर रहा है। शनिवार को वकीलों ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और एसडीएम अभिनव कनौजिया का पुतला दहन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। वकीलों का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला ने आरोप लगाया कि एसडीएम अभिनव कनौजिया भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उनके अनुसार, एसडीएम पर गांव की जमीनों पर कब्जा कराने और मुकदमे से पहले ही आदेश पारित करने के आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसी पत्रावलियों में आदेश दिए गए, जिनमें उन्हें अधिकार ही नहीं था। इन सभी मामलों की शिकायत जिलाधिकारी को दी गई है और जांच की मांग की गई है।
जांच में देरी से नाराजगी
अध्यक्ष ने बताया कि शिकायत दिए एक महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है। इससे अधिवक्ता समाज में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन किसी राजनीतिक दबाव के कारण एसडीएम को हटाना नहीं चाहता। इसी वजह से वकील आहत हैं और लगातार विरोध कर रहे हैं।
कार्रवाई तक जारी रहेगा आंदोलन
वकीलों ने साफ कहा है कि उनका आंदोलन तब तक अनवरत जारी रहेगा, जब तक एसडीएम के खिलाफ उचित कार्रवाई और स्थानांतरण नहीं किया जाता। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह लड़ाई न्याय और पारदर्शिता के लिए है। फिलहाल तहसील परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और सभी की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
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