लखनऊ में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमत कथा अचानक रद्द… LDA ने क्यों छीनी जमीन, जानिए क्या है वजह
लखनऊ में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रस्तावित हनुमत कथा प्रशासनिक अनुमति और पुलिस एनओसी न मिलने के कारण रद्द हो गई। एलडीए ने राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल मैदान का आवंटन निरस्त कर दिया, जिससे आयोजकों और श्रद्धालुओं में निराशा है।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रस्तावित हनुमत कथा अब नहीं हो सकेगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने वसंत कुंज योजना स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल मैदान का आवंटन निरस्त कर दिया है। यह कार्यक्रम 14 से 18 मार्च 2026 के बीच होना था और इसकी तैयारियां पिछले साल अक्टूबर 2025 से चल रही थीं। फैसले के बाद आयोजकों और श्रद्धालुओं में निराशा का माहौल है। प्रशासनिक कारणों और आवश्यक अनुमतियां न मिलने को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है।
पुलिस एनओसी नहीं मिलने से अटका आयोजन
जानकारी के मुताबिक आयोजन के लिए पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिल सका। संभावित भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई। इसी कारण LDA ने मैदान आवंटन आदेश वापस ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पुलिस और प्रशासन से सभी जरूरी अनुमतियां नहीं मिलतीं, तब तक किसी भी बड़े कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक स्थल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
पहले डिफेंस एक्सपो स्थल पर थी योजना
आयोजनकर्ता संस्था हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी अक्टूबर 2025 से चल रही थी। शुरुआती योजना के अनुसार कथा का आयोजन गोमती नगर स्थित डिफेंस एक्सपो स्थल पर होना था, लेकिन पुलिस ने वीआईपी मूवमेंट और शहीद पथ पर जाम की आशंका जताते हुए अनुमति नहीं दी। इसके बाद पुलिस की सलाह पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल मैदान के लिए आवेदन किया गया था।
भुगतान को लेकर भी विवाद की स्थिति
LDA ने प्राथमिक तौर पर मैदान आवंटित करते हुए 33 लाख रुपये जमा करने को कहा था। आयोजकों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान में तकनीकी समस्या आई, जिसके बाद प्रतिदिन 2.5 लाख रुपये जमा करने का विकल्प दिया गया। दो दिन की राशि जमा भी की गई, लेकिन LDA सिस्टम में गड़बड़ी के कारण भुगतान दर्ज नहीं हो सका।
सोशल मीडिया पर हो चुका था प्रचार
कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार शुरू हो चुका था। खुद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर मार्च में लखनऊ आने की जानकारी साझा की थी। आयोजकों का कहना है कि 14 से 18 मार्च के बीच कोई बड़ा त्योहार भी नहीं था, इसलिए भीड़ प्रबंधन में ज्यादा समस्या नहीं आती। उन्होंने बताया कि होली पहले और ईद बाद में है।
आयोजकों ने जताई नाराजगी
आयोजकों की नाराजगी भी सामने आई है। हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रशासन किसी अन्य स्थान की अनुमति दे दे तो वहां भी कथा कराई जा सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि खेत मिल जाए तो भी आयोजन कर देंगे। फिलहाल आगे की रणनीति पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। LDA अधिकारियों ने आवंटन निरस्त होने की पुष्टि की है, लेकिन औपचारिक बयान अभी जारी नहीं हुआ।
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