सस्ती दवाइयां, आसान TDS और नया टैक्स एक्ट – Budget 2026 की जानिए 10 बड़ी बातें
केंद्रीय बजट 2026 में 1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम, छोटे करदाताओं के लिए कर राहत, सस्ती दवाएं, निर्यात प्रोत्साहन और अनिवासी भारतीयों और विदेशी संपत्तियों के लिए सरल नियम पेश किए गए हैं।
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026 पेश कर दिया है। इस बजट में सरकार ने प्रत्यक्ष कर, कस्टम और सेंट्रल एक्साइज से जुड़े कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है। सरकार का साफ कहना है कि इन फैसलों का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना, आम लोगों को राहत देना और देश में कारोबार को बढ़ावा देना है। बजट में नौकरीपेशा, छोटे करदाता, मरीज, उद्योग और एनआरआई सभी वर्गों को ध्यान में रखने की कोशिश की गई है। खास बात यह है कि कई प्रक्रियाओं को ऑटोमेटेड बनाकर लोगों को दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा दिलाने पर जोर दिया गया है।
1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू करने जा रही है। इसका नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा। यह कानून जुलाई 2024 में पेश किया गया था। नए एक्ट का मकसद टैक्स कानून को सरल भाषा में तैयार करना है, ताकि आम आदमी भी इसे आसानी से समझ सके। इनकम टैक्स रिटर्न भरना आसान होगा और फॉर्म भी कम जटिल होंगे। गलत जानकारी देने पर 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगेगा, लेकिन ज्यादातर मामलों में आपराधिक कार्रवाई की जगह सिर्फ जुर्माना ही लगाया जाएगा।
छोटे करदाताओं को सीधी राहत
अब छोटे टैक्सपेयर्स को जीरो डिडक्शन सर्टिफिकेट के लिए इनकम टैक्स ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड होगी। सिस्टम खुद पात्रता जांचेगा और सर्टिफिकेट जारी करेगा। वहीं, 50 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति खरीदने पर लगने वाला 1 प्रतिशत टीडीएस अब पैन-आधारित चालान से जमा किया जा सकेगा, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
दवाइयों और इलाज पर बड़ी राहत
सरकार ने कैंसर की 17 दवाओं और 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम कर दी है। इससे इन बीमारियों का इलाज सस्ता होने की उम्मीद है और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा।
कपड़ा, चमड़ा और निर्यात को बढ़ावा
चमड़ा और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए ड्यूटी-फ्री एक्सपोर्ट इंसेंटिव को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है। यह छूट सिंथेटिक उत्पादों पर भी लागू होगी, जिससे भारतीय निर्यातकों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
ऊर्जा, रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स पर फोकस
लिथियम-आयन बैटरी, सोलर सेक्टर, न्यूक्लियर पावर और बायोगैस से जुड़े उत्पादों पर कस्टम और एक्साइज ड्यूटी में राहत दी गई है। रक्षा और नागरिक विमानन के पुर्जों पर भी कस्टम ड्यूटी में बदलाव किया गया है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में अब सिर्फ आयातित पुर्जों पर ही ड्यूटी लगेगी।
एनआरआई और विदेशी संपत्ति से जुड़े नियम आसान
विदेशी संपत्ति की जानकारी देने के लिए छात्रों और टेक प्रोफेशनल्स को 6 महीने का समय मिलेगा। विदेशी संपत्ति पर कर-मुक्त सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 24 लाख रुपये कर दी गई है। एनआरआई को अब भारत में संपत्ति बेचने के लिए TAN की जरूरत नहीं होगी।
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