सुल्तानपुर में संपत्ति हड़पने की साजिश का खुलासा, फर्जी दस्तावेज और आधार संशोधन से मां को बेदखल करने की कोशिश
सुल्तानपुर में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों और अवैध आधार कार्ड संशोधन का इस्तेमाल करके एक मृतक व्यक्ति की संपत्ति हड़पने का आरोप है। पुलिस जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। कुड़वार थाना क्षेत्र की रहने वाली बुजुर्ग महिला रुकमणी देवी ने आरोप लगाया है कि उनके दिवंगत बेटे की संपत्ति हड़पने के लिए साजिश रची गई। इस साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और यहां तक कि आधार कार्ड में भी अवैध रूप से बदलाव कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर कोतवाली नगर थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पति और बेटे की मौत के बाद अकेली रह गईं रुकमणी देवी
रुकमणी देवी के पति सूर्यबक्श सिंह का निधन करीब 35 साल पहले हो चुका है। उनकी तीन बेटियां हैं, जो सभी विवाहित हैं। पति की मृत्यु के बाद पूरी पैतृक संपत्ति उनके इकलौते बेटे अनिल सिंह के नाम दर्ज हो गई थी। अनिल सिंह का विवाह इंदौर की रहने वाली शशि सिंह से हुआ था, लेकिन आपसी विवाद के कारण लगभग 26 वर्ष पहले दोनों का तलाक हो गया था।
तलाक के बाद दूसरी शादी और नई पहचान
आरोप है कि तलाक के बाद गांव के ही राजदेव सिंह ने शशि सिंह की शादी अपने रिश्तेदार रामसिंह से करा दी। शशि सिंह और रामसिंह के दो बेटे शुभम सिंह और सुमित सिंह हैं, जो वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ नरसड़ा गांव में रहते हैं। इन दोनों बेटों के सभी सरकारी और शैक्षणिक रिकॉर्ड में पिता का नाम रामसिंह ही दर्ज है।
बेटे की मौत के बाद शुरू हुई साजिश
करीब दो वर्ष पहले अनिल सिंह का निधन हो गया। उनकी मृत्यु के बाद रुकमणी देवी ही उनकी एकमात्र वैधानिक उत्तराधिकारी बनती हैं। आरोप है कि इसके बाद राजदेव सिंह, राजेंद्र सिंह और जग विशाल सिंह ने शशि सिंह के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने की साजिश रची। इन लोगों ने तहसील में दाखिल-खारिज के लिए शुभम सिंह को अनिल सिंह का पुत्र बताते हुए आवेदन दिया।
आधार कार्ड में अवैध बदलाव का आरोप
रुकमणी देवी का आरोप है कि 12 दिसंबर 2022 को शुभम सिंह के आधार कार्ड में अवैध रूप से संशोधन कराया गया। पुराने आधार कार्ड में पिता का नाम रामसिंह दर्ज था, लेकिन उसे बदलकर अनिल सिंह कर दिया गया। यह सब संपत्ति हथियाने की नीयत से किया गया।
धमकी और दबाव का भी आरोप
पीड़िता ने बताया कि 11 नवंबर 2024 को जब वह अपनी बेटी नंद किशोरी सिंह के साथ दाखिल-खारिज मामले की पैरवी के लिए पहुंचीं, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले को गंभीर मानते हुए CJM न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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