मेट्रो का सपना फिर अधूरा… सेक्टर-61 से गौर चौक तक ही सीमित होगा पहला फेज, 5 लाख लोग परेशान

एनएमआरसी ने ग्रेटर नोएडा पश्चिम मेट्रो कॉरिडोर के लिए संशोधित डीपीआर की योजना बनाई है, जिसमें पहले चरण में केवल चार स्टेशन होंगे। निवासी देरी का विरोध कर रहे हैं, जबकि अधिकारी आरआरटीएस के दोहराव और भविष्य में हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी की चिंताओं का हवाला दे रहे हैं।

Feb 18, 2026 - 09:28
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मेट्रो का सपना फिर अधूरा… सेक्टर-61 से गौर चौक तक ही सीमित होगा पहला फेज, 5 लाख लोग परेशान

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी को लेकर एक नई अपडेट सामने आई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन  (NMRC) ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का फैसला किया है। नए प्लान में पहले चरण में सभी प्रस्तावित स्टेशनों के बजाय केवल 4 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह फैसला केंद्र सरकार की आपत्तियों और रैपिड रेल परियोजना के साथ रूट डुप्लीकेशन की संभावना को देखते हुए लिया गया है। हालांकि, इस बदलाव से स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी बढ़ गई है, क्योंकि वे लंबे समय से मेट्रो सुविधा का इंतजार कर रहे हैं।

पहले चरण में सिर्फ 4 स्टेशन बनाने की योजना
संशोधित योजना के अनुसार (Noida Metro Aqua Line) के विस्तार में पहले फेज में नोएडा सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (गौर चौक) को जोड़ा जाएगा। सेक्टर-61 पर दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के साथ इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी। पहले की योजना में सेक्टर-61 से नॉलेज पार्क-V तक करीब 18 किलोमीटर लंबा ट्रैक और 11 स्टेशन प्रस्तावित थे। लेकिन गाजियाबाद-जेवर रैपिड रेल (RRTS) कॉरिडोर के प्रस्ताव के बाद केंद्र ने पुराने प्लान पर रोक लगा दी थी, ताकि एक ही रूट पर दो बड़े प्रोजेक्ट बनने से बचा जा सके।

आगे का निर्माण कौन करेगा, फैसला बाद में
मीडिया से बातचीत में NMRC के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) प्रदीप यादव ने बताया कि गौर चौक से आगे का हिस्सा NMRC बनाएगी या RRTS, इस पर फैसला परियोजना मंजूरी के बाद होगा। फिलहाल प्राथमिकता सेक्टर-61 से गौर चौक तक कनेक्टिविटी देने पर है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्दी राहत मिल सके।

5 लाख निवासियों में नाराजगी, प्रदर्शन की चेतावनी
मेट्रो प्रोजेक्ट में लगातार देरी और बार-बार DPR बदलने से स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ गया है। NEFOWA के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 5 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं और पुरानी DPR को राज्य सरकार मंजूरी दे चुकी थी, तो नई DPR की जरूरत क्यों पड़ी। निवासियों ने 15 मार्च को जंतर- मंतर पर प्रदर्शन करने और पीएमओ (PMO) को ज्ञापन देने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक परिवहन न होने से उन्हें महंगे कैब और ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है।

रैपिड रेल से एयरपोर्ट तक सीधी सुविधा
अधिकारियों के मुताबिक गौर चौक पर रैपिड रेल का स्टेशन भी प्रस्तावित है, जिससे नॉलेज पार्क-V, सूरजपुर, परी चौक और सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इससे भविष्य में यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।