मुरादाबाद जिला जेल के 5 कैदी देंगे यूपी बोर्ड परीक्षा, पढ़ाई के लिए बनाया गया खास माहौल
मुरादाबाद जिला जेल के पांच कैदी उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में शामिल होंगे। जेल प्रशासन ने उनकी तैयारी के लिए अध्ययन सुविधाएं, शिक्षक और विशेष व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई हैं।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला जेल से एक सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां बंद कैदियों को शिक्षा के जरिए मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जेल प्रशासन के लगातार प्रयासों का ही परिणाम है कि इस वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षा में जेल के पांच कैदी शामिल होंगे। प्रशासन ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं और परीक्षार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय भी दिया जा रहा था। जेल के भीतर पढ़ाई के अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, ताकि कैदी बिना किसी बाधा के परीक्षा की तैयारी कर सकें। इस पहल को कैदियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एक हाईस्कूल और चार इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी
जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल कुल पांच बंदियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इनमें से एक कैदी हाईस्कूल और चार कैदी इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होंगे। जेल प्रशासन इन बंदियों की शिक्षा को लेकर गंभीर है और उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परीक्षा व्यवस्था के तहत मंडल स्तर पर इन बंदियों के लिए बरेली सेंट्रल जेल को मुख्य परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी कारण सभी बंदियों को 16 फरवरी को सुरक्षा व्यवस्था के बीच वहां स्थानांतरित कर दिया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा मुरादाबाद जिला जेल वापस लाया जाएगा, जिसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
जेल में पढ़ाई के लिए विशेष व्यवस्था
जेल सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि बंदियों को पढ़ाई के लिए पुस्तकालय की सुविधा दी गई थी और जरूरत पड़ने पर बाहर से किताबें मंगाने की भी अनुमति दी गई। जेल के अंदर एक व्यवस्थित शिक्षा तंत्र तैयार किया गया है, जहां उच्च शिक्षा प्राप्त बंदी, जैसे पोस्ट ग्रेजुएट कैदी, अन्य परीक्षार्थियों को पढ़ने में मदद करते हैं। इसके अलावा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के माध्यम से दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है, जो नियमित रूप से पुरुष और महिला बंदियों को पढ़ाते हैं।
पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए काम से मिली छूट
जेल प्रशासन की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परीक्षा देने वाले कैदियों को जेल के दैनिक अनिवार्य कार्य से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि वे अपना पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर लगा सकें। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। यह पहल उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और भविष्य में बेहतर जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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