स्क्रीन टाइम से बिगड़ रही बच्चों की आंखें, स्वामी रामदेव से जानें आंखों की रोशनी बढ़ाने के आसान उपाय
जानिए अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की आंखों की रोशनी और व्यवहार को कैसे प्रभावित करता है। स्वामी रामदेव से आंखों के व्यायाम, आहार और दृष्टि को मजबूत करने के प्राकृतिक उपायों पर विशेषज्ञ सुझाव प्राप्त करें।
आंखों की शक्ति और दूरी तक देखने की क्षमता इंसानों और जानवरों में भिन्न होती है। जानवरों की आंखें लंबी दूरी तक देखने के लिए बनी हैं, जबकि इंसान की आंखें रंग, चेहरे और बारीक काम पहचानने के लिए सक्षम हैं। उदाहरण के लिए, कुत्ता 6 मीटर, हाथी 20 मीटर, हिरण 100 मीटर, जिराफ 1.5 किलोमीटर, उल्लू 2 किलोमीटर और बाज 5 किलोमीटर दूर तक देख सकता है। वहीं इंसान की नजर 50 मीटर के बाद धुंधली होने लगती है।
बच्चों की आंखों पर स्क्रीन टाइम का असर
आज के समय में बच्चे लगातार मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहते हैं। इसका असर उनकी आंखों और दिमाग पर पड़ रहा है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं। बच्चों में तिरछापन, मायोपिया और नंबर तेजी से बढ़ रहे हैं।
स्क्रीन टाइम के आंकड़े:
27% बच्चे: 3–6 घंटे
22% बच्चे: 1–3 घंटे
22% बच्चे: 6 घंटे से अधिक
12% बच्चे: 7 घंटे से अधिक
आंखों और व्यवहार पर प्रभाव:
बेचैनी: 61%
गुस्सा: 58%
हाइपरएक्टिव: 50%
चिड़चिड़ापन: 47%
सुस्ती: 47%
OTT, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग बच्चों में लत के मुख्य कारण हैं।
आंखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय
स्वामी रामदेव के अनुसार, सुबह-शाम 30 मिनट प्राणायाम करें। अनुलोम-विलोम और 7 बार भ्रामरी करना आंखों के लिए फायदेमंद है।
प्राकृतिक उपाय और आहार:
महात्रिफला घृत: 1 चम्मच दूध के साथ दिन में दो बार लें।
एलोवेरा-आंवला जूस: आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक।
बादाम, सौंफ और मिश्री: पीसकर रात में गर्म दूध के साथ सेवन करें।
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