दर्द को हल्के में न लें: शरीर की चेतावनी समझें, वरना बढ़ सकता है गंभीर बीमारियों का खतरा
दर्द कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर की एक चेतावनी है। जानिए विभिन्न प्रकार के दर्द गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत कैसे देते हैं और उनसे बचाव के तरीके क्या हैं।
दर्द को अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की गोली खाकर अपनी रोज़मर्रा की भागदौड़ में लग जाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार दर्द कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर का चेतावनी संकेत होता है। शरीर जब अंदरूनी परेशानी, सूजन, नसों की कमजोरी या अत्यधिक तनाव को झेल नहीं पाता, तो दर्द के जरिए अलार्म देता है। अगर समय रहते इस संकेत को समझ लिया जाए, तो बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। इस रिपोर्ट में हम बता रहे हैं कि अलग-अलग तरह के दर्द किस बीमारी की ओर इशारा करते हैं और उनसे बचाव के आसान उपाय क्या हैं।
दर्द कैसे देता है बीमारी का संकेत
सीने में दर्द अगर बाईं ओर हो, जबड़े या दांत तक फैल जाए, सांस फूलने लगे और पसीना आए, तो यह दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। वहीं लगातार बढ़ता पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी होना किसी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा करता है। गर्दन और कंधों का दर्द, जो मोबाइल या स्क्रीन देखने से बढ़ता जाए, मांसपेशियों की कमजोरी और गलत जीवनशैली का परिणाम हो सकता है।
नसों और जोड़ों का दर्द क्या बताता है
हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या जलन होना नसों की बीमारी का संकेत है। सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न, सूजन और जलन होना आर्थराइटिस की शुरुआती चेतावनी मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दर्द को नजरअंदाज करना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि यह शरीर की पहली चेतावनी होती है, आखिरी नहीं।
दिल को मजबूत रखने के उपाय
दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना अर्जुन की छाल एक चम्मच, दालचीनी दो ग्राम और पांच तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है। इससे हृदय को मजबूती मिलती है और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है।
जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत
जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को गर्म कपड़े पहनने, रोजाना लगभग तीन लीटर पानी पीने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। विटामिन डी से भरपूर भोजन लेना भी जरूरी है। प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक, चीनी और शराब से दूरी बनानी चाहिए।
नसों की कमजोरी और सिरदर्द का इलाज
नसों और मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए गिलोय, अश्वगंधा, गुग्गुल, गोखरू और पुनर्नवा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां लाभकारी मानी जाती हैं। सिरदर्द और माइग्रेन से बचने के लिए गैस और एसिडिटी को कंट्रोल करना जरूरी है। व्हीटग्रास, एलोवेरा का सेवन और नाक में अणु तेल डालने से भी राहत मिल सकती है।
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