कब्ज, गैस और एसिडिटी से राहत दिलाएगी रागी, बाहर के खाने की आदत में बन सकती है सेहत की ढाल
रागी खाने से कब्ज से राहत मिलती है, पाचन क्रिया बेहतर होती है, एसिडिटी कम होती है, पेट स्वस्थ रहता है और वजन कम करने में मदद मिलती है। जानिए रागी को दैनिक आहार में क्यों शामिल करना चाहिए।
आजकल बाहर का और पैकेट बंद खाना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। ऐसा खाना स्वाद में अच्छा होता है और आसानी से मिल भी जाता है, लेकिन लंबे समय तक इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। रोज बाहर का खाना खाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। इससे गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। खासतौर पर कब्ज की परेशानी से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे में रागी एक आसान और असरदार विकल्प बनकर सामने आती है।
कब्ज की समस्या में क्यों फायदेमंद है रागी
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, जिन लोगों को सुबह पेट साफ न होने की शिकायत रहती है, उन्हें अपने रोज के खाने में रागी जरूर शामिल करनी चाहिए। रागी में फाइबर, कैल्शियम, अमीनो एसिड और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। रात में रागी खाने से सुबह पेट आसानी से साफ हो जाता है।
फाइबर से भरपूर रागी का असर
रागी में सॉल्यूबल और नॉन-सॉल्यूबल दोनों तरह के फाइबर मौजूद होते हैं। यह आंतों की सफाई में मदद करता है और बाउल मूवमेंट को बेहतर बनाता है। रोजाना रागी खाने से मल सॉफ्ट रहता है, जिससे कब्ज की पुरानी समस्या भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। इससे पेट हल्का महसूस होता है और दिन की शुरुआत अच्छी होती है।
एसिडिटी और गैस में भी राहत
जब पाचन सही रहता है तो गैस और एसिडिटी की समस्या अपने आप कम होने लगती है। रागी में एल्कलाइन गुण होते हैं, जो पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को कम करते हैं। इससे खट्टी डकार, जलन और गैस जैसी परेशानियों से राहत मिलती है।
वजन और गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद
रागी वजन घटाने में भी मददगार है। इसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट धीरे पचते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। इसके अलावा रागी गट हेल्थ को भी मजबूत बनाती है। इससे आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है और शरीर खाए हुए भोजन को सही तरीके से उपयोग कर पाता है।
मेटाबॉलिज्म और डायबिटीज में भी लाभकारी
रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए डायबिटीज के मरीज भी इसे खा सकते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखती है और पूरी सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है। रोज की डाइट में रागी शामिल करना सेहत के लिए एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
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