इलाहाबाद हाई कोर्ट ने करीब 100 साल के बुजुर्ग को किया बरी, 42 साल पुराने हत्या मामले में मिली राहत

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपील में लंबी देरी और सामाजिक परिणामों का हवाला देते हुए 1982 के एक हत्या मामले में लगभग 100 वर्षीय व्यक्ति को बरी कर दिया।

Feb 5, 2026 - 10:20
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने करीब 100 साल के बुजुर्ग को किया बरी, 42 साल पुराने हत्या मामले में मिली राहत

Uttar Pradesh News: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में करीब 100 साल के एक बुजुर्ग को हत्या के मामले में बरी कर दिया है। बुजुर्ग को पहले उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उनकी अपील पिछले चार दशक से लंबित थी। अदालत ने माना कि इतने लंबे समय तक चले मुकदमे और उसके सामाजिक प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की उम्र और अपील में हुई अत्यधिक देरी राहत देने के अहम आधार बने। यह फैसला लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मामलों पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी माना जा रहा है।

1982 का जमीन विवाद और हत्या का मामला
यह मामला वर्ष 1982 का है, जब जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनके नाम मैकू, सत्ती दीन और धामी राम थे। घटना के बाद मैकू फरार हो गया था। वहीं, हमीरपुर की सेशंस कोर्ट ने वर्ष 1984 में सत्ती दीन और धामी राम को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसी साल धामी राम को जमानत मिल गई थी।

अपील के दौरान बदले हालात
सत्ती दीन ने भी सजा के खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन अपील पर सुनवाई के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद इस मामले में धामी राम ही एकमात्र जीवित अपीलकर्ता रह गए थे। धामी राम की अपील पर फैसला आने में चार दशक से ज्यादा का समय लग गया, जिसके दौरान वह जमानत पर ही रहे।

हाई कोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस संजीव कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि अपील में अत्यधिक देरी और आरोपी की उम्र को राहत देते समय ध्यान में रखा जाना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को बिना किसी संदेह के साबित करने में नाकाम रहा। इसी आधार पर बुजुर्ग को बरी किया गया।

सामाजिक और मानसिक पीड़ा पर भी नजर
अदालत ने कहा कि दशकों तक आरोपी द्वारा झेली गई चिंता, अनिश्चितता और सामाजिक परिणामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चूंकि धामी राम लंबे समय से जमानत पर थे, इसलिए हाई कोर्ट ने उनके जमानत बॉन्ड को भी समाप्त करने का निर्देश दिया।

बचाव पक्ष की दलील
धामी राम के वकील ने अदालत को बताया कि अपीलकर्ता की उम्र करीब 100 साल है। उन्होंने यह भी कहा कि धामी राम ने खुद गोली नहीं चलाई थी, बल्कि केवल मैकू को उकसाया था। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने बुजुर्ग को बरी करने का फैसला सुनाया।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।