बदलते मौसम में बढ़ा टाइफाइड का खतरा, दूषित पानी-भोजन बन रहे सबसे बड़ी वजह, बचना है तो आज से ही अपनाएं ये 7 आसान आदतें
बारिश और मौसम बदलते ही टाइफाइड के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। आखिर यह संक्रमण कैसे फैलता है, किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है और कौन-सी 7 रोजमर्रा की आदतें आपको इससे बचा सकती हैं? WHO और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर जानिए पूरी जानकारी...
बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इन्हीं बीमारियों में टाइफाइड भी शामिल है, जिसके मामले हर साल मानसून और मौसम में बदलाव के दौरान तेजी से बढ़ने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण संक्रमण फैलने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं तो इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Salmonella Typhi नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी आंतों में गंभीर संक्रमण, डिहाइड्रेशन और कई अन्य जटिलताओं की वजह बन सकती है।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है टाइफाइड का खतरा?
मानसून के दौरान टाइफाइड के मामले बढ़ने की सबसे बड़ी वजह पानी का दूषित होना है। लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर पीने का पानी गंदगी और बैक्टीरिया के संपर्क में आ जाता है। ऐसे में यदि वही पानी पीने या उससे भोजन तैयार करने में इस्तेमाल किया जाए तो संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। यही कारण है कि बारिश के मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ पानी के इस्तेमाल पर सबसे ज्यादा जोर देते हैं। भारत समेत कई विकासशील देशों में टाइफाइड आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2019 के अनुमान बताते हैं कि हर साल करीब 90 लाख लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं, जबकि लगभग 1.10 लाख लोगों की मौत टाइफाइड के कारण होती है। ये आंकड़े बताते हैं कि थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
ऐसे फैलता है टाइफाइड, रोजमर्रा की ये गलतियां बनती हैं वजह
मैयोक्लीनिक के मुताबिक, टाइफाइड फीकल-ओरल मार्ग से फैलता है। यानी यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित पानी या भोजन किसी स्वस्थ व्यक्ति तक पहुंच जाए, तो Salmonella Typhi बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर संक्रमण शुरू कर देता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई इस बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण फैलने के पीछे कई रोजमर्रा की गलतियां जिम्मेदार होती हैं। इनमें दूषित पानी पीना, सड़क किनारे खुले में बिकने वाला भोजन खाना, बिना हाथ धोए खाना बनाना या खाना, संक्रमित व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया भोजन खाना और खराब सीवेज व्यवस्था प्रमुख कारण हैं।
इन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
हालांकि यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता है। WHO और NCBI के अनुसार 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चे, खराब स्वच्छता वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग, दूषित पानी का उपयोग करने वाले परिवार, बार-बार यात्रा करने वाले, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति, स्वास्थ्यकर्मी और संक्रमित मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
7 आदतें अपनाकर काफी हद तक टाल सकते हैं टाइफाइड
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टाइफाइड से बचाव के लिए किसी कठिन उपाय की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें संक्रमण के खतरे को काफी कम कर सकती हैं।
- हाथों की सफाई को बनाएं आदत
खाना खाने से पहले, खाना बनाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं। यह संक्रमण रोकने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। - सिर्फ सुरक्षित पानी का करें इस्तेमाल
उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सीलबंद बोतल का पानी ही पिएं। यदि पानी की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसे कम से कम एक मिनट तक उबालने के बाद ही इस्तेमाल करें। - भोजन हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाएं
पर्याप्त तापमान पर पका भोजन टाइफाइड फैलाने वाले बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है, जबकि अधपका भोजन संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। - फल और सब्जियां अच्छी तरह साफ करें
फल और सब्जियों को साफ पानी से धोकर ही खाएं। जहां संभव हो, ऐसे फल चुनें जिन्हें छीलकर खाया जा सके। - खुले में बिकने वाले भोजन से दूरी रखें
सड़क किनारे खुले में रखे खाद्य पदार्थ अक्सर मक्खियों, धूल और गंदगी के संपर्क में रहते हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। - घर और रसोई को साफ रखें
खाना बनाने के बर्तन, किचन स्लैब और पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई संक्रमण को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। - शौचालय की स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान
स्वच्छ शौचालय और बेहतर सीवेज व्यवस्था संक्रमण की पूरी चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
यदि लगातार तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी, भूख कम लगना या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए डॉक्टर से जांच और उचित उपचार कराना जरूरी है। समय पर इलाज शुरू होने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
एक्सपर्ट की सलाह: बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
टाइफाइड ऐसा संक्रमण है, जिससे काफी हद तक बचाव संभव है। साफ पानी पीना, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, ताजा और अच्छी तरह पका भोजन खाना, खुले खाद्य पदार्थों से बचना और जरूरत पड़ने पर टाइफाइड का टीका लगवाना संक्रमण के जोखिम को काफी कम कर सकता है। बारिश के मौसम में अपनाई गई ये छोटी-छोटी सावधानियां पूरे परिवार की सेहत को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
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