यूपी में 1 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती होगी, पुराने कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ेगी, 5 तारीख तक खाते में आएगा मानदेय

यूपी में करीब 1 लाख नए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी है। वहीं 2.75 लाख से ज्यादा मौजूदा कर्मचारियों के मानदेय में 8 से 15 हजार रुपए तक बढ़ोतरी हो सकती है। हर महीने 5 तारीख तक भुगतान, PF-ESI, मेडिक्लेम, बीमा और मैटरनिटी लीव समेत नई व्यवस्था में क्या-क्या मिलेगा, पूरी जानकारी पढ़िए।

Aug 17, 2026 - 11:41
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यूपी में 1 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती होगी, पुराने कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ेगी, 5 तारीख तक खाते में आएगा मानदेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्स के जरिए काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था की तैयारी है। सरकार करीब 1 लाख नए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती करने जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में पहले से काम कर रहे 2.75 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 8 से 15 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी किए जाने की तैयारी है। नई व्यवस्था सिर्फ भर्ती तक सीमित नहीं होगी। सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय, PF, ESI, बीमा, छुट्टी और भर्ती प्रक्रिया को एक तय व्यवस्था के तहत लाने की तैयारी की है। इसके लिए बनाया गया उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी यूपीकास इसी महीने काम शुरू कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निगम की शुरुआत करेंगे।

अब विभाग सीधे एजेंसी नहीं चुन पाएंगे
अब तक सरकारी विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग आउटसोर्स एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति करते रहे हैं। नई व्यवस्था में यह तरीका बदल जाएगा। सरकारी विभागों को अपने यहां कितने कर्मचारियों की जरूरत है, किन पदों पर नियुक्ति करनी है और उनका मानदेय कितना होगा, इसकी पूरी जानकारी आउटसोर्स सेवा निगम को देनी होगी। इसके बाद निगम GeM पोर्टल के जरिए एजेंसी का चयन करेगा। यानी भर्ती की प्रक्रिया में विभाग और निजी वेंडर के बीच सीधे होने वाली व्यवस्था को खत्म कर एक केंद्रीय व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

पुरानी व्यवस्था में कर्मचारियों ने उठाए थे सवाल
आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति अलग-अलग एजेंसियों के जरिए होने के कारण लंबे समय से कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। कर्मचारियों का आरोप रहा है कि कई जगह उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलता, जबकि कुछ मामलों में तय मानदेय से कम भुगतान की शिकायतें भी सामने आई हैं। नई व्यवस्था का मकसद इन्हीं शिकायतों पर लगाम लगाना बताया जा रहा है।

किन शिकायतों पर लग सकती है रोक?

  • नौकरी देने से पहले एक-दो महीने का मानदेय एडवांस लेने की शिकायत

मानदेय का 10 से 20 फीसदी हिस्सा वापस लेने के आरोप

भर्ती में मनमानी और पसंद के लोगों को मौका देने की शिकायत

बिना नोटिस नौकरी से हटाने के मामले

कर्मचारियों को मनमाने तरीके से दूसरी जगह ट्रांसफर करने की शिकायत

सरकार की नई व्यवस्था में वेंडर कंपनियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है।

हर महीने 5 तारीख तक खाते में आएगा मानदेय
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव मानदेय भुगतान को लेकर होगा। प्रावधान के मुताबिक, हर महीने की 5 तारीख तक कर्मचारियों के बैंक खाते में मानदेय पहुंचाने की व्यवस्था होगी। अगर कोई वेंडर कंपनी समय पर भुगतान नहीं करती है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। किसी कंपनी के खिलाफ लगातार तीन बार से ज्यादा शिकायत सही पाए जाने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने का भी प्रावधान है। इससे कर्मचारियों को मानदेय के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

महीने में 26 दिन काम, साप्ताहिक अवकाश भी
आउटसोर्स कर्मचारियों के काम के दिनों को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। कर्मचारियों से महीने में 26 दिन काम लेने का प्रावधान होगा और उन्हें साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। इसके अलावा कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव देने का भी प्रावधान किया गया है।

PF, ESI के साथ मेडिक्लेम और एक्सीडेंटल बीमा
नई व्यवस्था में सिर्फ मानदेय भुगतान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर भी निगरानी रखी जाएगी। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 13% EPF और 3.25% ESI की राशि समय पर जमा कराने की व्यवस्था होगी। निगम यह भी देखेगा कि वेंडर कर्मचारियों के मानदेय के साथ PF और ESI की राशि सही समय पर जमा कर रहा है या नहीं। इसके अलावा कर्मचारियों को मेडिक्लेम और एक्सीडेंटल बीमा की सुविधा भी देने का प्रावधान है।

सेवाकाल में मौत हुई तो परिवार को 15 हजार की मदद
नई व्यवस्था में सेवाकाल के दौरान किसी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 15 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है। इससे पहली बार आउटसोर्स कर्मचारियों को मानदेय के साथ कुछ सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को भी एक औपचारिक व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होगा चयन
नई भर्तियों में चयन प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित करने की तैयारी है। कर्मचारियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। आरक्षण व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति को 21%, अनुसूचित जनजाति को 2%, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10% आरक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मनमानी नियुक्तियों की शिकायतों पर रोक लगेगी।

पुराने आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी पर क्या होगा?
नई व्यवस्था आने के बाद पहले से काम कर रहे कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनकी नौकरी को लेकर है। सरकार की योजना के मुताबिक, पहले से सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा। टेंडर की शर्तों के मुताबिक उनकी सेवाएं जारी रहेंगी। यानी नए निगम के गठन का असर सीधे तौर पर मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने के रूप में नहीं होगा।

इन 10 विभागों में सबसे ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी
प्रदेश के कई बड़े सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी काम करते हैं। इनमें प्रमुख रूप से ये विभाग शामिल हैं-:

  1. नगरीय निकाय
  2. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
  3. चिकित्सा शिक्षा
  4. ऊर्जा
  5. परिवहन
  6. महिला एवं बाल कल्याण
  7. कृषि
  8. औद्योगिक विकास
  9. एमएसएमई
  10. श्रम विभाग

इन विभागों में नई भर्तियों और मौजूदा कर्मचारियों के मानदेय की व्यवस्था पर निगम की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।

एक साल पहले बना निगम, अब शुरू होगा काम
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और व्यवस्था के लिए निगम बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में की थी। इसके बाद पिछले साल सितंबर में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया गया। IAS अधिकारी अमृता सोनी को निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया, जबकि सचिवालय प्रशासन विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया। निगम के लिए पिकप बिल्डिंग में कार्यालय भी तैयार किया जा रहा है। हालांकि गठन के करीब एक साल बाद भी निगम का नियमित कामकाज शुरू नहीं हो सका है। अब सरकार इसी महीने से इसे सक्रिय करने की तैयारी में है।

सैलरी बढ़ाने के लिए बजट में 426 करोड़ रुपए बढ़ाए गए
आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए सरकार ने बजट में भी प्रावधान किया है। सरकार ने बजट में 426 करोड़ रुपए का इजाफा किया और कुल 2223.84 करोड़ रुपए जारी किए गए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपए शून्य ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है। यानी सरकार की तैयारी एक साथ दो स्तरों पर है-एक तरफ नए कर्मचारियों की भर्ती और दूसरी तरफ पहले से काम कर रहे कर्मचारियों के मानदेय और सुविधाओं को बेहतर करना।

कर्मचारियों के लिए बदलाव कितना बड़ा होगा?
अगर नई व्यवस्था तय योजना के मुताबिक लागू होती है तो आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि भर्ती से लेकर मानदेय और सामाजिक सुरक्षा तक की व्यवस्था एक ही संस्थागत ढांचे के तहत आएगी। अब तक जहां कर्मचारी और वेंडर के बीच मानदेय और नौकरी को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं, वहीं निगम के जरिए भुगतान और एजेंसी की जवाबदेही तय करने की कोशिश की जा रही है। करीब 2.75 लाख मौजूदा कर्मचारियों के मानदेय में 8 से 15 हजार रुपए तक बढ़ोतरी और करीब 1 लाख नई भर्तियों की तैयारी ऐसे समय में हो रही है, जब प्रदेश में सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका लगातार बढ़ी है। अब नजर इस बात पर है कि नया निगम जमीन पर कितनी जल्दी सक्रिय होता है और नई व्यवस्था कर्मचारियों की पुरानी शिकायतों को कितनी हद तक दूर कर पाती है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content