पार्सल डिलीवरी के नाम पर ठगी, WhatsApp हैक कर रिश्तेदारों से मांगते थे पैसे, 15 राज्यों में 80 शिकायतों से जुड़े 3 साइबर ठग गिरफ्तार
प्रतापगढ़ में साइबर थाना पुलिस ने बिहार के शेखपुरा से तीन अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 15 राज्यों में करीब 80 शिकायतें और लगभग 38 लाख रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। जानिए पार्सल डिलीवरी से WhatsApp हैक और QR कोड तक ठगी का पूरा तरीका।
प्रतापगढ़। पार्सल डिलीवरी के नाम पर फोन करना, फिर WhatsApp हैक करना और उसके बाद उसी नंबर से रिश्तेदारों और परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगना। साइबर ठगी के इसी तरीके से लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोह का प्रतापगढ़ साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बिहार के शेखपुरा से तीन अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के 15 राज्यों में करीब 80 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज बताई गई हैं। आरोपियों पर करीब 80 पीड़ितों से लगभग 38 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
प्रतापगढ़ के मुकदमे की जांच में बिहार तक पहुंची पुलिस
साइबर ठगी के एक मामले में प्रतापगढ़ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो आरोपियों के बारे में अहम जानकारी सामने आई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी बिहार के शेखपुरा में मौजूद हैं। इसके बाद साइबर थाना पुलिस की टीम ने शेखपुरा में कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
पार्सल डिलीवरी के नाम पर करते थे फोन
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ठगी के लिए लोगों को पार्सल डिलीवरी के नाम पर फोन करते थे। बातचीत के दौरान पीड़ित को अलग-अलग तरीके से अपने जाल में फंसाने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद आरोपी कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए पीड़ित का WhatsApp हैक करने का प्रयास करते थे। WhatsApp हैक होने के बाद ठगों के लिए पीड़ित के परिचितों और रिश्तेदारों तक पहुंचना आसान हो जाता था।
WhatsApp हैक होते ही शुरू होता था दूसरा खेल
पीड़ित का WhatsApp हैक करने के बाद आरोपी उसके परिचितों और रिश्तेदारों को मैसेज भेजते थे। मैसेज उसी WhatsApp नंबर से जाता था, इसलिए सामने वाले को भी भरोसा हो जाता था कि मदद मांगने वाला उनका अपना परिचित ही है। आरोपी इमरजेंसी में फंसने या तत्काल पैसों की जरूरत होने का हवाला देते थे। इसके बाद मदद के नाम पर रुपये मांगे जाते थे और भुगतान के लिए QR कोड भेजा जाता था। पीड़ित जब QR कोड के जरिए रकम भेज देता था तो पैसा आरोपियों के खातों में पहुंच जाता था। इस तरीके से आरोपियों ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
15 राज्यों में करीब 80 शिकायतें
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के 15 राज्यों में करीब 80 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर करीब 80 लोगों से लगभग 38 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। एक ही तरीके से अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बनाए जाने से पुलिस को इस गिरोह के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का अंदेशा है। अब जांच का दायरा बढ़ाकर पुलिस दूसरे राज्यों में दर्ज शिकायतों और आरोपियों के कनेक्शन की भी जानकारी जुटा रही है।
ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच में ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंचती थी, किन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था और आरोपियों के साथ नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी अब तक कितने लोगों को निशाना बना चुके हैं और 15 राज्यों में सामने आई शिकायतों में उनकी भूमिका क्या है। प्रतापगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के उस तरीके का भी खुलासा हुआ है, जिसमें ठग पहले पार्सल डिलीवरी के नाम पर संपर्क करते हैं, फिर WhatsApp हैक करने की कोशिश करते हैं और आखिर में उसी नंबर से रिश्तेदारों और परिचितों को विश्वास में लेकर पैसे अपने खातों में मंगाते हैं।
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