सबको डराने वाला Gen Z AI से क्यों डर रहा, नई रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, 55 फीसदी युवा भविष्य को लेकर चिंतित

AI का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करने वाली Gen-Z अब उसी तकनीक को लेकर चिंता में है। अमेरिका में 18 से 29 साल के 55% युवा AI को लेकर उत्साहित होने के बजाय चिंतित हैं। सबसे बड़ी चिंता नौकरियों और भविष्य की है, जहां 73% युवाओं को लगता है कि आने वाले वर्षों में AI नौकरियों की संख्या कम कर सकता है। आखिर AI से Gen-Z को इतना डर क्यों लगने लगा है और क्या तकनीक उनके करियर की तस्वीर बदलने वाली है ?

Aug 21, 2026 - 14:37
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सबको डराने वाला Gen Z AI से क्यों डर रहा, नई रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, 55 फीसदी युवा भविष्य को लेकर चिंतित

जिस Gen-Z को नई तकनीक अपनाने वाली सबसे तेज पीढ़ी माना जाता है, वही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर चिंता में दिखाई दे रही है। चैटबॉट से लेकर पढ़ाई, कंटेंट और रोजमर्रा के कामों तक AI का इस्तेमाल करने वाले युवाओं के मन में अब एक बड़ा सवाल उठने लगा है कि कहीं यही तकनीक उनके भविष्य और नौकरियों के लिए खतरा तो नहीं बन जाएगी। प्यू रिसर्च सेंटर के हालिया सर्वे में सामने आया है कि अमेरिका में 18 से 29 साल की उम्र के 55% युवा AI को लेकर उत्साहित होने के बजाय ज्यादा चिंतित हैं। वहीं सिर्फ 11% युवाओं ने कहा कि वे AI को लेकर चिंता से ज्यादा उत्साह महसूस करते हैं। आंकड़ों को देखें तो AI को लेकर युवाओं की चिंता लगातार बढ़ी है। 2021 में यह आंकड़ा 31% था, जो 2024 में बढ़कर 39% पहुंच गया और अब 55% तक पहुंच चुका है।

जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे, वही सबसे ज्यादा चिंतित
इस रिपोर्ट की सबसे दिलचस्प बात यही है कि Gen-Z AI से दूर नहीं भाग रही है। इसके उलट, यही उम्र वर्ग चैटबॉट और दूसरे AI टूल्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वालों में शामिल है। युवा पढ़ाई, असाइनमेंट, कोडिंग, कंटेंट, रिसर्च और कई रोजमर्रा के कामों में AI का सहारा ले रहे हैं। लेकिन जितना AI उनकी जिंदगी में शामिल होता जा रहा है, उतनी ही तेजी से इसे लेकर चिंता भी बढ़ रही है। तकनीक की आसानी के साथ अब उसके भविष्य के असर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

73% युवाओं को नौकरी कम होने की चिंता
AI को लेकर सबसे बड़ी चिंता नौकरियों से जुड़ी हुई दिखाई दे रही है। प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के अनुसार, 30 साल से कम उम्र के 73% लोगों का मानना है कि अगले 20 वर्षों में AI की वजह से नौकरियों की संख्या कम हो सकती है। 2024 में यही आंकड़ा 61% था। यानी केवल एक-दो साल के भीतर नौकरी को लेकर AI का डर और बढ़ गया है। सर्वे में बड़ी संख्या में युवाओं ने माना कि आने वाले समय में AI इंसानों के कई काम अपने हाथ में ले सकता है। यह चिंता खास तौर पर उन युवाओं के लिए बड़ी है, जो अभी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं या अपने करियर की शुरुआत करने वाले हैं। उनके सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन-सी नौकरी मिलेगी, बल्कि यह भी है कि जिस नौकरी के लिए वे तैयारी कर रहे हैं, क्या वह आने वाले वर्षों में पहले जैसी रहेगी भी या नहीं।

AI को लेकर बदल रही है युवाओं की सोच
एक तरफ बड़ी टेक कंपनियां AI को भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति के रूप में पेश कर रही हैं। दावा किया जा रहा है कि AI काम को आसान बनाएगा, उत्पादकता बढ़ाएगा और नए अवसर पैदा करेगा। लेकिन दूसरी तरफ युवाओं के मन में तस्वीर उतनी साफ नहीं है। प्यू रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि AI को लेकर उत्साह और चिंता के बीच अब चिंता का पलड़ा भारी होता जा रहा है। जो तकनीक कुछ साल पहले लोगों के लिए नई और रोमांचक थी, अब उसके असर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर नौकरी, करियर और भविष्य की सुरक्षा को लेकर युवाओं की चिंता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।

दूसरी रिपोर्टों में भी दिख रही है बेचैनी
AI और तकनीक के तेजी से बदलते दौर का असर युवाओं की सोच और भावनाओं पर भी पड़ रहा है। अलग-अलग सर्वे और रिपोर्टों में भविष्य को लेकर युवाओं की बढ़ती अनिश्चितता दिखाई देती है। गैलप के आंकड़ों में भी युवाओं के उत्साह में कमी और नाराजगी बढ़ने की बात सामने आई है। वहीं यूरोपियन कमीशन, इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन और Opeepl यूथ पल्स से जुड़े आंकड़े भी इस बात की ओर इशारा करते हैं कि नई तकनीक, बदलता जॉब मार्केट और भविष्य की अनिश्चितता युवाओं के लिए बड़ी चिंता बन रहे हैं।

AI से फायदा भी चाहिए, लेकिन भविष्य की गारंटी भी
Gen-Z के सामने शायद सबसे बड़ा विरोधाभास यही है। AI उनके काम को आसान बना रहा है, लेकिन साथ ही उन्हें यह डर भी सता रहा है कि कहीं आने वाले समय में यही तकनीक उनकी जगह न ले ले। चैटबॉट से जवाब लेना आसान है, सेकंडों में कंटेंट तैयार हो सकता है और कई काम पहले के मुकाबले तेजी से किए जा सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही कंपनियों द्वारा ऑटोमेशन बढ़ाने और AI आधारित सिस्टम अपनाने की रफ्तार भी तेज हो रही है। यही वजह है कि अब युवाओं की चिंता सिर्फ AI के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि जिस तकनीक को आज वे अपने काम में मददगार मान रहे हैं, वही आने वाले समय में उनके करियर की दिशा कितनी बदल सकती है। प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़े यही बताते हैं कि AI का दौर Gen-Z के लिए सिर्फ उत्साह का दौर नहीं है। यह सुविधा, अवसर और चिंता तीनों का दौर है। और शायद यही इस नई पीढ़ी का सबसे बड़ा सवाल भी है कि AI उनके भविष्य को आसान बनाएगा या उसी भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाएगा।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content