संत प्रेमानंद महाराज पर बनेगी फिल्म राधा अंश, हिमांगी सखी बोलीं- राधारानी के अंश नजर आते हैं, हनुमान अंश से मिली प्रेरणा
संत प्रेमानंद महाराज के जीवन पर फिल्म बनाने की तैयारी है। वैष्णव किन्नर अखाड़ा की जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने फिल्म का नाम राधा अंश रखने की बात कही है। हनुमान अंश से मिली प्रेरणा के बाद फिल्म मेकर टीम से बातचीत हो चुकी है। अब संत प्रेमानंद महाराज की सहमति लेने के लिए हिमांगी सखी उनसे मुलाकात करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री, राम मंदिर ट्रस्ट में किन्नर अखाड़े को जिम्मेदारी न मिलने और 6 दिसंबर की कार सेवा को लेकर भी अपनी बात रखी है।
वृंदावन। बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश से प्रभावित होकर अब संत प्रेमानंद महाराज के जीवन पर फिल्म बनाने की तैयारी है। वैष्णव किन्नर अखाड़ा की जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने संत प्रेमानंद महाराज के जीवन पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई है। प्रस्तावित फिल्म का नाम राधा अंश रखा जाएगा। हिमांगी सखी के मुताबिक, फिल्म बनाने को लेकर उनकी फिल्म मेकर टीम से बातचीत हो चुकी है और टीम ने भी सहमति दी है। हालांकि, अभी तक संत प्रेमानंद महाराज या उनके शिष्य से फिल्म को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। फिल्म शुरू करने से पहले वह जल्द ही संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनकी सहमति लेंगी। हिमांगी सखी बुधवार को धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंची थीं। इसी दौरान उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के जीवन पर फिल्म बनाने की योजना की जानकारी दी।
हनुमान अंश से आया राधा अंश बनाने का विचार
हिमांगी सखी ने बताया कि बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश ने उन्हें काफी प्रभावित किया। उनके मुताबिक, इस फिल्म के जरिए लोगों के बीच भगवान राम और हनुमान के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ा। इसी से उन्हें संत प्रेमानंद महाराज के जीवन पर फिल्म बनाने का विचार आया। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज राधारानी के अंश के रूप में नजर आते हैं, इसलिए वह उनके जीवन पर राधा अंश नाम से फिल्म बनाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म मेकर टीम से इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। अब अगला कदम संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात और उनकी सहमति लेना है।
संत की सहमति के बाद तैयार होगा फिल्म का प्रोमो
हिमांगी सखी ने साफ किया कि फिलहाल यह उनका निजी विचार है और अभी संत प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकात नहीं हुई है। उनकी सहमति मिलने के बाद फिल्म पर आगे काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज का परिकर फिल्म में जिन लोगों को कास्ट करने के लिए कहेगा, उन्हें ही फिल्म में रखा जाएगा। सहमति मिलने के बाद जल्द ही फिल्म का प्रोमो तैयार करने की योजना है। हिमांगी सखी ने ब्रज से अपने पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह बचपन से ब्रज में रही हैं। उनका बचपन कुंज गलियों में बीता है और उनका हृदय पूरा राधामय है।
गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर भी बोलीं हिमांगी सखी
महाराष्ट्र में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों के शामिल होने को लेकर विश्व हिंदू परिषद की ओर से दिए गए बयान पर भी हिमांगी सखी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वह इस बात का समर्थन करती हैं। उनका कहना है कि जब मुस्लिम समाज ईद या ताजिया मनाता है तो हिंदू उसमें शामिल नहीं होता, हालांकि उसका सम्मान जरूर करता है। इसी तरह उनके मुताबिक गरबा में भक्त माता रानी की आराधना करते हैं और गरबा खेलते हैं। उन्होंने कहा कि गरबा के धार्मिक महत्व को समझना जरूरी है और इसे सिर्फ नृत्य नहीं माना जाना चाहिए। हिमांगी सखी ने कहा कि मुस्लिम भाई-बहनों को गरबा में एंट्री नहीं करनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट में किन्नर अखाड़े के धर्मगुरु को जिम्मेदारी न मिलने पर सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO बनाए जाने पर भी हिमांगी सखी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के हीरो हैं, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट में उनका काम नहीं है। उनके मुताबिक, राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की जिम्मेदारी धर्मगुरुओं को दी जानी चाहिए थी, क्योंकि धर्मगुरुओं का जीवन प्रभु श्रीराम के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने किन्नर समाज को ऐतिहासिक रूप से कोष की जिम्मेदारी दिए जाने का भी जिक्र किया। हिमांगी सखी के मुताबिक, पहले राजा-महाराजा और मुगल शासक किन्नर समाज के लोगों को कोष संभालने की जिम्मेदारी देते थे, क्योंकि वे गलत नहीं करते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में किन्नर अखाड़े के किसी धर्मगुरु को कोषाध्यक्ष क्यों नहीं बनाया गया और CEO की जिम्मेदारी क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल सही हैं।
6 दिसंबर की कार सेवा में शामिल होने की बात कही
हिमांगी सखी ने 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप स्थित मस्जिद को लेकर प्रस्तावित कार सेवा का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह अपने अखाड़े के साथ कार सेवा में मौजूद रहेंगी। उन्होंने ईदगाह को भगवान श्रीकृष्ण की मूल जन्मभूमि बताते हुए कहा कि वह कार सेवा में बुलडोजर पर खड़े होकर महाशंखनाद करेंगी। हिमांगी सखी ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मूल गर्भगृह छोड़ दें।
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