नेस्ले, पेप्सिको से डोमिनोज समेत कई कंपनियों को 150 नोटिस, भ्रामक विज्ञापन और झूठे दावों पर FSSAI ने की कार्रवाई, 5 लाइसेंस भी सस्पेंड
नेस्ले, पेप्सिको, कोका-कोला, अमेजन, फ्लिपकार्ट, KFC, मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज समेत कई बड़ी कंपनियां FSSAI की कार्रवाई के दायरे में आई हैं। भ्रामक विज्ञापन, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर करीब 150 नोटिस जारी किए गए हैं। डोमिनोज के 5 लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए हैं।
नई दिल्ली। पैकेट पर हेल्दी, नेचुरल या 100 प्रतिशत शुद्ध जैसे दावे देखकर किसी प्रोडक्ट पर भरोसा करने वालों के लिए यह खबर अहम है। देश की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था FSSAI ने हाल के महीनों में नियमों का पालन न करने पर करीब 150 नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई की जद में नेस्ले इंडिया, पेप्सिको, कोका-कोला इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर अमेजन, फ्लिपकार्ट और कई बड़े फूड सर्विस ब्रांड्स तक शामिल हैं। FSSAI के मुताबिक, ये नोटिस भ्रामक विज्ञापनों, गलत या भ्रामक दावों और खाद्य लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के मामलों में जारी किए गए हैं। कुछ मामलों में कार्रवाई नोटिस तक सीमित नहीं रही। डोमिनोज के पांच लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि अमेजन के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कार्रवाई की जद में कई बड़ी कंपनियां
FSSAI की कार्रवाई में कई नामी कंपनियां शामिल हैं। नेस्ले इंडिया, पेप्सिको और कोका-कोला इंडिया जैसे बड़े फूड और बेवरेज ब्रांड्स को नियमों के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा ऑनलाइन खरीदारी के बड़े प्लेटफॉर्म अमेजन और फ्लिपकार्ट भी नियामक की कार्रवाई से अछूते नहीं रहे। दोनों कंपनियों को मिलाकर 12 नोटिस जारी किए गए हैं। FSSAI का फोकस केवल पैकेटबंद खाद्य उत्पादों तक सीमित नहीं है। फूड सर्विस सेक्टर की बड़ी चेन भी जांच के दायरे में आई हैं।
KFC, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट और डोमिनोज को 30 से ज्यादा नोटिस
KFC, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज और कोस्टा कॉफी जैसे फूड सर्विस ब्रांड्स को 30 से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं। इन मामलों में सबसे बड़ी कार्रवाई डोमिनोज से जुड़ी बताई गई है, जहां पांच लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। हालांकि, लाइसेंस निलंबित होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी कंपनी या सभी आउटलेट हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। लाइसेंस सस्पेंड होने का मतलब संबंधित खाद्य कारोबार में नियमों से जुड़ी कमियां पाई गई हैं। इन कमियों को दूर करने और जरूरी शर्तों का पालन करने के बाद लाइसेंस दोबारा बहाल किया जा सकता है।
आखिर किन मामलों में जारी किए गए नोटिस?
FSSAI की ओर से कार्रवाई मुख्य रूप से तीन तरह की अनियमितताओं को लेकर की गई है।
- ऐसे विज्ञापन या दावे जो ग्राहकों को किसी उत्पाद के बारे में गुमराह कर सकते हैं।
- उत्पाद के स्वास्थ्य लाभ, गुणवत्ता या सामग्री को लेकर ऐसे दावे जिनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक आधार नहीं हो।
- पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन न करना।
खाद्य उत्पादों पर लिखी जानकारी ग्राहकों के फैसले को सीधे प्रभावित करती है। ऐसे में अगर किसी पैकेट पर लिखे दावे गलत, अधूरे या भ्रामक हों, तो ग्राहक गलत जानकारी के आधार पर उत्पाद खरीद सकता है।
हेल्दी और नेचुरल लिखा है तो सिर्फ उस पर भरोसा न करें
किसी पैकेट पर हेल्दी, नेचुरल या 100 प्रतिशत शुद्ध लिखा होना इस बात की गारंटी नहीं है कि उत्पाद हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह स्वस्थ या बेहतर विकल्प है। खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेट के पीछे दी गई जानकारी देखना जरूरी है। इसमें सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और अन्य जरूरी विवरण शामिल होते हैं। अगर कोई उत्पाद किसी बीमारी को ठीक करने या असाधारण स्वास्थ्य लाभ देने का दावा करता है, तो ग्राहक को उस दावे की विश्वसनीयता जांचनी चाहिए। किसी भी बड़े स्वास्थ्य संबंधी दावे के पीछे उचित वैज्ञानिक आधार होना जरूरी है।
भ्रामक विज्ञापन आखिर होता क्या है?
भ्रामक विज्ञापन वह माना जा सकता है जिसमें किसी उत्पाद की गुणवत्ता, सामग्री या उसके फायदे के बारे में गलत या अधूरी जानकारी दी जाए। अगर कोई विज्ञापन ग्राहक को गुमराह करता है, जरूरी जानकारी छिपाता है या किसी दूसरे उत्पाद को गलत तरीके से खराब बताकर अपने उत्पाद को बेहतर दिखाने की कोशिश करता है, तो वह भी नियमों के दायरे में आ सकता है। यही वजह है कि FSSAI केवल उत्पाद की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उसके विज्ञापन और पैकेट पर किए गए दावों पर भी नजर रखती है।
नोटिस के बाद कई कंपनियों ने शुरू किए सुधार
FSSAI के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद कई कंपनियों ने कमियों को दूर करने और नियमों के पालन के लिए सुधारात्मक कदम उठाए हैं। नियामक संस्था खाद्य सुरक्षा, विज्ञापन और लेबलिंग से जुड़े नियमों के पालन की जांच लगातार कर रही है। आने वाले समय में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर और कार्रवाई की जा सकती है। इसका मतलब यह है कि बड़े ब्रांड का नाम होने भर से किसी कंपनी को नियमों के पालन से छूट नहीं मिलती।
ग्राहक को कोई प्रोडक्ट संदिग्ध लगे तो क्या करें?
अगर किसी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता खराब लगती है या पैकेट पर किया गया दावा संदिग्ध प्रतीत होता है, तो ग्राहक को उससे जुड़े सबूत संभालकर रखने चाहिए। उत्पाद का बिल, पैकेट, उसकी फोटो और अन्य जरूरी जानकारी शिकायत के दौरान काम आ सकती है। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायत संबंधित शिकायत माध्यम से की जा सकती है। इसके अलावा ग्राहक उपभोक्ता शिकायत भी दर्ज करा सकता है।
लाइसेंस सस्पेंड होने का मतलब हमेशा के लिए बंद होना नहीं
किसी आउटलेट या खाद्य कारोबार का लाइसेंस निलंबित होने को अक्सर लोग उसके स्थायी रूप से बंद होने से जोड़ देते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। लाइसेंस निलंबित होने के बाद यदि संबंधित कारोबारी नियमों में पाई गई कमियों को दूर कर देता है और जरूरी शर्तें पूरी करता है, तो लाइसेंस दोबारा बहाल किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में ग्राहकों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे खाद्य उत्पाद या सेवा खरीदते समय सावधानी बरतें। FSSAI की करीब 150 नोटिस वाली कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या हम केवल किसी बड़े ब्रांड का नाम देखकर उसके हर दावे पर भरोसा कर लेते हैं। पैकेट पर लिखे शब्द, विज्ञापन में किए गए वादे और असली उत्पाद की जानकारी में कितना अंतर है, इसे समझना अब सिर्फ कंपनियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ग्राहकों के लिए भी जरूरी होता जा रहा है।
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