क्या मायावती भतीजी दीपिका को सौंपेंगी BSP की कमान, भतीजे आकाश और ईशान को पद नहीं देने का ऐलान, बोलीं- परिवारवाद से दूर रहूंगी
मायावती ने बसपा के भविष्य और उत्तराधिकारी को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई आनंद कुमार की इकलौती बेटी दीपिका आनंद की ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर भविष्य में पार्टी में जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही आकाश आनंद और ईशान को कोई राजनीतिक पद नहीं देने की बात साफ की। मायावती ने परिवारवाद, 2027 चुनाव में Gen-Z को 50% तक टिकट, निष्कासित नेताओं की वापसी और पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर भी कई अहम बातें कहीं।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद के निष्कासन के बाद अब पार्टी के भविष्य और मायावती के उत्तराधिकारी को लेकर तस्वीर बदलती नजर आ रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को अपने भाई आनंद कुमार की इकलौती बेटी दीपिका आनंद को लेकर ऐसा संकेत दिया, जिससे उनके भविष्य में पार्टी की कमान संभालने की संभावना को बल मिला है। मायावती ने कहा कि अगर आनंद कुमार को मदद के लिए किसी सदस्य की जरूरत पड़ती है तो वह अपनी इकलौती बेटी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर भविष्य में उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी दी जा सकती है। दीपिका फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। इसके साथ ही मायावती ने अपने दोनों भतीजों आकाश आनंद और ईशान को लेकर भी अपना रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों को पार्टी में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। भविष्य में उनके बच्चों को भी कोई राजनीतिक पद नहीं मिलेगा। मायावती के इस बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दो दिन पहले ही उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किया है। वहीं ईशान अभी 19 राज्यों में संगठन की समीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
दीपिका के जरिए मायावती का नया उत्तराधिकारी मॉडल?
मायावती के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनकी भतीजी दीपिका आनंद को लेकर है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आकाश आनंद और ईशान को लेकर परिवारवाद की बहस के बीच मायावती अब पार्टी के लिए एक अलग रास्ता तैयार करना चाहती हैं। दीपिका को आगे बढ़ाने के पीछे महिला नेतृत्व का संदेश भी देखा जा रहा है। मायावती खुद बसपा की सबसे बड़ी महिला नेता रही हैं। ऐसे में अगर दीपिका पार्टी के काम में सक्रिय होती हैं और मायावती की उम्मीदों पर खरी उतरती हैं, तो भविष्य में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मायावती ने अभी दीपिका को अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर भविष्य में पार्टी में जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही है।
मायावती बोलीं- दीपिका तैयार नहीं हुईं तो दलित मिशनरी कार्यकर्ता को मौका
मायावती ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी का भविष्य सिर्फ परिवार के किसी सदस्य पर निर्भर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर दीपिका इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं होती हैं तो किसी दलित मिशनरी कार्यकर्ता को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को साथ रखने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि वह अविवाहित हैं और महिला होने के कारण सुरक्षा और दूसरी परेशानियों से बचने तथा सम्मान के साथ पार्टी में काम करने के लिए उन्हें अपने सबसे छोटे भाई आनंद को साथ रखना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर वह महिला नहीं होतीं तो भाई-बहनों को भी अपने साथ नहीं रखतीं।
कांशीराम का जिक्र कर परिवारवाद पर फिर साफ किया रुख
मायावती ने पार्टी में परिवारवाद को लेकर अपना रुख भी दोहराया। उन्होंने कहा कि जिस तरह कांशीराम परिवारवाद से दूर रहे, उसी तरह वह भी परिवारवाद के खिलाफ डटी हुई हैं। उनका कहना है कि बसपा में किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता के आधार पर मौका दिया जा सकता है, लेकिन उसकी आड़ में परिवार के दूसरे सदस्यों को राजनीतिक फायदा नहीं दिया जाएगा। मायावती ने साफ कहा कि अब वह किसी मोह में नहीं पड़ेंगी और पार्टी को नुकसान नहीं होने देंगी।
आकाश के बाद ईशान पर भी कोई राजनीतिक पद नहीं
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद अब मायावती ने ईशान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ईशान फिलहाल 19 राज्यों में संगठनात्मक समीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन मायावती के मुताबिक उन्हें कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। आकाश को भी पार्टी में राजनीतिक पद नहीं मिलेगा और भविष्य में उनके बच्चों के लिए भी यही नीति लागू रहेगी।
2027 चुनाव में Gen-Z को 50% तक टिकट देने का ऐलान
मायावती ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में युवा चेहरों को मौका दिया जाएगा। पार्टी की रणनीति में Gen-Z को बड़ी हिस्सेदारी देने की बात कही गई है। मायावती ने विधानसभा चुनाव में 50% तक टिकट Gen-Z को देने की बात कही। इसमें महिला और पुरुष दोनों युवा शामिल होंगे। आकाश आनंद के निष्कासन के बाद युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में युवा चेहरों को बड़ी संख्या में टिकट देने की घोषणा को बसपा की नई चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
निष्कासित नेताओं की वापसी की चर्चा को बताया फेक न्यूज
मायावती ने पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से यह प्रचार किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किए गए लोगों को दोबारा बसपा में शामिल किया जाएगा। मायावती ने इसे गलत बताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं को दोबारा मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को विरोधी दलों और मीडिया-सोशल मीडिया में चलने वाले प्रचार से सावधान रहने को कहा। मायावती ने आशंका जताई कि बसपा को उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने से रोकने के लिए साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपनाए जा सकते हैं।
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