किचन सिंक के किनारे फॉयल पेपर लगाने का चलन क्यों बढ़ा, पानी और चिकनाई से बचाएगा काउंटरटॉप, जानें इस आसान घरेलू हैक के फायदे
किचन सिंक के आसपास पानी, तेल और खाने की छींटों से काउंटरटॉप गंदा हो जाता है। ऐसे में एल्युमीनियम फॉयल का आसान और सस्ता हैक काम आ सकता है। सिंक के किनारे फॉयल लगाने से एक अस्थायी सुरक्षात्मक परत बनती है, जो पानी और गंदगी को सीधे सतह पर पहुंचने से रोकने में मदद करती है। लेकिन फॉयल लगाने का सही तरीका और कुछ जरूरी सावधानियां जानना भी जरूरी है।
नई दिल्ली। किचन सिंक ऐसी जगह है जहां दिनभर पानी, साबुन, तेल और खाने के छोटे-छोटे टुकड़ों का सामना होता है। बर्तन धोते समय पानी की छींटें सिंक से बाहर निकलकर काउंटरटॉप तक पहुंच जाती हैं। कुछ समय बाद यही पानी और चिकनाई दागों की वजह बन जाती है। इससे बचने के लिए इन दिनों एक आसान घरेलू हैक इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग सिंक के आसपास एल्युमीनियम फॉयल बिछा रहे हैं। यह तरीका बेहद सस्ता है और घर में मौजूद फॉयल से ही आसानी से किया जा सकता है। हालांकि, इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका जानना भी जरूरी है।
सिंक के आसपास फॉयल लगाने से क्या होता है?
एल्युमीनियम फॉयल सिंक के आसपास एक अस्थायी सुरक्षात्मक परत की तरह काम करती है। बर्तन धोते या सब्जियां साफ करते समय पानी और खाने की छींटें सीधे काउंटरटॉप पर गिरने के बजाय फॉयल पर रुक जाती हैं। इससे मार्बल, टाइल या काउंटरटॉप का हिस्सा कुछ हद तक पानी और गंदगी के सीधे संपर्क से बचा रहता है। खासकर सिंक के उन किनारों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है जहां पानी सबसे ज्यादा उछलता है।
बार-बार रगड़कर सफाई करने की जरूरत कम
सिंक के आसपास जमा चिकनाई और पानी के दाग साफ करना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। लगातार रगड़ने से काउंटरटॉप की सतह भी प्रभावित हो सकती है। फॉयल बिछाने का फायदा यह है कि गंदगी का एक हिस्सा सीधे सतह पर जमा होने के बजाय फॉयल पर रह जाता है। फॉयल ज्यादा गंदी हो जाए तो उसे हटाकर नई फॉयल बिछाई जा सकती है। इससे रोजाना की सफाई का काम कुछ आसान हो जाता है।
काउंटरटॉप को नमी और दागों से बचाने में मदद
सिंक के पास लगातार नमी रहने से पानी के निशान और चिकनाई जमा हो सकती है। खाने के छोटे कण भी गीली सतह से चिपक जाते हैं और बाद में इन्हें हटाना मुश्किल हो सकता है। फॉयल एक अतिरिक्त परत बनाकर पानी और गंदगी को काउंटरटॉप की सतह तक सीधे पहुंचने से कुछ हद तक रोकती है। यही वजह है कि इसे कम मेहनत में किचन को साफ रखने वाले घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
फॉयल लगाने का सही तरीका क्या है?
इस हैक को अपनाने से पहले सिंक और उसके आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। पुरानी चिकनाई और गंदगी हटाने के बाद सतह को सूखे कपड़े से पूरी तरह सुखा लें। इसके बाद जरूरत के हिसाब से एल्युमीनियम फॉयल का टुकड़ा काटें। इसे सिंक के उन किनारों पर बिछाएं जहां पानी ज्यादा गिरता या उछलता है। फॉयल को हाथ से हल्के दबाव के साथ समतल कर दें, ताकि उसके किनारे ऊपर उठे न रहें और बर्तन या कपड़े में न उलझें। ध्यान रखें कि फॉयल को सिंक की नाली के ऊपर न बिछाएं।
इन बातों का रखें खास ध्यान
फॉयल का इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि इसे सिंक के ड्रेन को ढकने के लिए इस्तेमाल न करें। इससे पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा फॉयल को गैस बर्नर, खुली लौ या किसी गर्म सतह के पास नहीं रखना चाहिए। सिंक के आसपास इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान दें कि फॉयल फटकर छोटे टुकड़ों में न बदल जाए।
गंदी फॉयल को तुरंत बदलें
फॉयल को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय जब वह गंदी, बहुत गीली, चिकनी या फट जाए तो उसे हटा देना बेहतर है। उसके नीचे नमी और गंदगी जमा रहने से सफाई की समस्या बढ़ सकती है। फॉयल का यह तरीका किचन की नियमित सफाई का विकल्प नहीं है। सिंक और काउंटरटॉप की सामान्य सफाई जरूरी है। फॉयल को केवल एक अस्थायी सुरक्षा परत के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कुल मिलाकर, सिंक के आसपास फॉयल लगाने का तरीका कोई महंगा उपाय नहीं है। घर में मौजूद एल्युमीनियम फॉयल से इसे आसानी से आजमाया जा सकता है। सही जगह और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह पानी और चिकनाई से होने वाली रोजमर्रा की गंदगी को संभालने में मदद कर सकता है।
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