अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी युद्धपोतों की टक्कर, PAK हाईकमिश्नर तलब, 15 साल बाद फिर आमने-सामने आए वॉरशिप
अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना का जहाज भारतीय युद्धपोत से टकरा गया। भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। जानिए क्या हुआ, पाकिस्तानी जहाज PNS Hunain को कितना नुकसान हुआ और 2011 में हुई भारत-पाक युद्धपोतों की टक्कर से इसका क्या कनेक्शन है।
अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोतों की टक्कर के बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है। भारतीय नौसेना का युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था, इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार में भारतीय जहाज के करीब आया और दिशा बदलते समय उससे टकरा गया। भारत ने इस घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताते हुए नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी अफेयर्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। घटना की तारीख और टक्कर की सटीक जगह की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, एएनआई ने सूत्रों के हवाले से पाकिस्तानी जहाज की पहचान पीएनएस हुनैन के तौर पर की है। बताया जा रहा है कि टक्कर में पाकिस्तानी जहाज को नुकसान पहुंचा है। भारतीय नौसेना के जिस युद्धपोत से इसकी टक्कर हुई, उसका नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के युद्धपोतों के बीच समुद्र में टक्कर की यह पहली घटना नहीं है। करीब 15 साल पहले 2011 में भी दोनों देशों के नौसैनिक जहाज आमने-सामने आ चुके हैं। उस समय भारतीय नौसेना के आईएनएस गोदावरी और पाकिस्तानी नौसेना के पीएनएस बाबर के बीच टक्कर हुई थी।
नियमित निगरानी मिशन पर था भारतीय युद्धपोत
विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारतीय नौसेना का युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का जहाज तेज रफ्तार में भारतीय जहाज की ओर आया। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर माना गया। दिशा बदलने के बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी तेजी से कम होती गई और आखिरकार दोनों की टक्कर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस घटना में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, टक्कर में पाकिस्तानी जहाज पीएनएस हुनैन को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। घटना से जुड़ी कई अहम जानकारियां अभी आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
भारत ने पाकिस्तान के राजनयिक को किया तलब
घटना के बाद भारत ने मामले को कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया। नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी अफेयर्स को विदेश मंत्रालय ने तलब किया और भारत की आपत्ति दर्ज कराई। भारत ने पाकिस्तान से कहा कि समुद्र में सैन्य जहाजों को बेहद सावधानी और जिम्मेदारी के साथ संचालन करना चाहिए। भारत ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी अफेयर्स से कहा कि भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। साथ ही ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया। इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
समुद्र में सैन्य जहाजों के लिए नियम क्यों अहम हैं?
अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में अलग-अलग देशों के युद्धपोत और दूसरे जहाज नियमित रूप से निगरानी, गश्त और अन्य सैन्य गतिविधियों के लिए मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी सैन्य जहाज की दिशा, गति और दूसरे जहाज से दूरी बेहद महत्वपूर्ण होती है। खासकर भारत और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की नौसेनाओं के जहाज जब एक ही समुद्री क्षेत्र में सक्रिय होते हैं, तब किसी भी तरह की गलत दिशा या अचानक किए गए मूवमेंट से टक्कर जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से समुद्र में सैन्य जहाजों के संचालन के लिए तय नियमों और आपसी समझौतों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।
2011 में भी हुई थी भारत-पाक युद्धपोतों में टक्कर
करीब 15 साल पहले भी भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत समुद्र में टकरा चुके हैं। 2011 में भारतीय नौसेना के आईएनएस गोदावरी और पाकिस्तानी नौसेना के पीएनएस बाबर के बीच टक्कर हुई थी। उस समय पीएनएस बाबर सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए एमवी सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के स्वामित्व वाला जहाज था, जिसे समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को रिहा किया गया था। इसी जहाज को सुरक्षित ले जाते समय पीएनएस बाबर और आईएनएस गोदावरी के बीच समुद्र में टक्कर हुई थी।
2011 की घटना पर दोनों देशों के दावे अलग थे
2011 की टक्कर के बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय युद्धपोत ने उसके अभियान में बाधा डाली और खतरनाक तरीके से जहाज का संचालन किया। भारत ने पाकिस्तान के आरोप को खारिज किया था। भारतीय पक्ष के मुताबिक पीएनएस बाबर ने आईएनएस गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान वह भारतीय जहाज के हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया था। इस घटना में हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था। उस समय भारत ने 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध भी दर्ज कराया था।
15 साल बाद फिर सामने आई ऐसी घटना
2011 की घटना के करीब 15 साल बाद अरब सागर में दोनों देशों के युद्धपोतों की टक्कर ने पुराने घटनाक्रम की यादें फिर ताजा कर दी हैं। हालांकि, मौजूदा घटना में अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है और टक्कर की पूरी परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। फिलहाल भारत ने इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाते हुए पाकिस्तान के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है। आने वाले समय में इस घटना को लेकर दोनों देशों की ओर से और जानकारी सामने आने की संभावना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
